चौथे दादा गुरूदेव की 399वीं पुण्यतिथि मनाई गई

चतुर्थ दादा गुरूदेव अकबर प्रतिबोधक श्री जिनचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की 399वीं पुण्यतिथि मुंबई महानगर में आसोज वदि 2 ता. 2 अक्टूबर 2012 को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
इस उपलक्ष्य में प्रात: 9 बजे कान्ति मणि नगर कपोलवाडी में गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। पूज्य गुरूदेव उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी म. भारत जैन महामंडल के विश्व मैत्री दिवस के सामूहिक कार्यक्रम में पधरना हुआ था। पूज्य मुनिराज श्री मनितप्रभसागरजी म.सा. ने दादा गुरूदेव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा- दादा गुरूदेव ने शिथिलाचार का विरोध करते हुए श्रमण संघ के आचार को सुविशुद्ध किया था। पू. साध्वी श्री श्रद्धान्जनाश्रीजी म.सा. ने गुरूदेव के विशिष्ट व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए श्रद्धा पुष्प समर्पित किये। मुमुक्षु कुमारी नीलिमा भंसाली ने गीतिका प्रस्तुत की।
प्रात: 10 बजे पूज्य मुनिराज श्री कुशलमुनिजी म.सा. की निश्रा में भायखला दादावाडी में दादा गुरूदेव की पूजा का भव्य आयोजन किया गया। पूजा के बाद स्वामिवात्सल्य का आयोजन किया गया।
jahaj mandir, maniprabh, mehulprabh

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