Dec 7, 2012

JAHAJ MANDIR NEWS

पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री की पुण्यतिथि मनाई गई
पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. की 27वीं पुण्यतिथि अत्यन्त आनंद व उल्लास के साथ जहाज मंदिर मांडवला में मिगसर वदि 7 ता. 6 दिसम्बर 2012 को मनाई गई।
समारोह को निश्रा प्रदान की पूजनीया ध्वल यशस्वी श्री विमलप्रभाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया साध्वी श्री हेमरत्नाश्रीजी म. आदि ठाणा एवं पूजनीया तपागच्छीय साध्वी श्री विनयरत्नाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा ने!
पूजनीया साध्वी श्री हेमरत्नाश्रीजी म., जयरत्नाश्रीजी म. नूतनप्रिया श्रीजी म. ने पूज्य गुरुदेव आचार्य भगवन्त के जीवन की उज्ज्वल गाथाओं का वर्णन करते हुए उनके असीम उपकारों का स्मरण किया... श्रद्धांजली अर्पण की।
पूजनीया साध्वी श्री विनयरत्नाश्रीजी म. ने जहाज मंदिर तीर्थ की विशिष्टताओं का वर्णन करते हुए पूज्य आचार्य भगवन्त के प्रति अपनी श्रद्धांजली अर्पण की।
पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री की प्रतिकृति के आगे दीप प्रज्ज्वलन का लाभ बालोतरा दिल्ली निवासी श्री देवराजजी स्वरूपकुमारजी खिंवसरा ने लिया। धुप पूजा का लाभ श्री प्रकाशजी छाजेड जालोर ने लिया। वासक्षेप पूजा का लाभ श्री जुगराजजी घेवरचंदजी गोलेच्छा मांडवला बालेसर ने, माल्यार्पण का लाभ श्री कांतिलालजी कागरेचा ओटवाला वालों ने तथा अक्षत गहुँली पूजा का लाभ जालोर निवासी श्री सुरेन्द्रकुमारजी धर्मेन्द्रजी पटवा ने लिया।
पूजनीया गुरुवर्याओं को कामली वहोराने का लाभ बाडमेर सांचोर जालोर निवासी श्री प्रकाशचंदजी छाजेड परिवार ने लिया।
दोपहर में श्री जिनकान्तिसागरसूरि गुरु पद पूजा पढाई गई व आरती उतारी गई। इस मेले का संपूर्ण लाभ श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, मुंबई द्वारा लिया गया। समारोह का संचालन मंत्री श्री सूरजमलजी धोका खंडप वालों ने किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सलाहकार श्री चंपालालजी मुथा-मांडवला, सलाहकार श्री रिखबदासजी मालु-बाडमेर, कार्याध्यक्ष श्री द्वारकादासजी डोसी-बाडमेर, उपाध्यक्ष श्री मोहनलालजी दांतेवाडिया-मांडवला, उपाध्यक्ष श्री पारसमलजी छाजेड-मांडवला, उपाध्यक्ष श्री किशनचंदजी बोहरा-जयपुर, कोषाध्यक्ष श्री प्रकाशजी छाजेड-जालोर, मंत्री श्री सूरजमलजी धेका-खण्डप, मंत्री श्री मांगीलालजी संखलेचा-बाडमेर, निर्माण मंत्री श्री मीठालालजी विनायकिया-जालोर, श्री कांतिलालजी कागरेचा-ओटवाला, श्री दीपचंदजी कोठारी-ब्यावर, श्री धर्मेन्द्रजी पटवा-जालोर, श्री पारसमलजी बरडिया-मांडवला आदि ट्रस्टीगण उपस्थित थे।

जहाज मंदिर समाचार

पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री की पुण्यतिथि मनाई गई
पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. की 27वीं पुण्यतिथि अत्यन्त आनंद व उल्लास के साथ जहाज मंदिर मांडवला में मिगसर वदि 7 ता. 6 दिसम्बर 2012 को मनाई गई।
समारोह को निश्रा प्रदान की पूजनीया ध्वल यशस्वी श्री विमलप्रभाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया साध्वी श्री हेमरत्नाश्रीजी म. आदि ठाणा एवं पूजनीया तपागच्छीय साध्वी श्री विनयरत्नाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा ने!
पूजनीया साध्वी श्री हेमरत्नाश्रीजी म., जयरत्नाश्रीजी म. नूतनप्रिया श्रीजी म. ने पूज्य गुरुदेव आचार्य भगवन्त के जीवन की उज्ज्वल गाथाओं का वर्णन करते हुए उनके असीम उपकारों का स्मरण किया... श्रद्धांजली अर्पण की।
पूजनीया साध्वी श्री विनयरत्नाश्रीजी म. ने जहाज मंदिर तीर्थ की विशिष्टताओं का वर्णन करते हुए पूज्य आचार्य भगवन्त के प्रति अपनी श्रद्धांजली अर्पण की।
पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री की प्रतिकृति के आगे दीप प्रज्ज्वलन का लाभ बालोतरा दिल्ली निवासी श्री देवराजजी स्वरूपकुमारजी खिंवसरा ने लिया। धुप पूजा का लाभ श्री प्रकाशजी छाजेड जालोर ने लिया। वासक्षेप पूजा का लाभ श्री जुगराजजी घेवरचंदजी गोलेच्छा मांडवला बालेसर ने, माल्यार्पण का लाभ श्री कांतिलालजी कागरेचा ओटवाला वालों ने तथा अक्षत गहुँली पूजा का लाभ जालोर निवासी श्री सुरेन्द्रकुमारजी धर्मेन्द्रजी पटवा ने लिया।
पूजनीया गुरुवर्याओं को कामली वहोराने का लाभ बाडमेर सांचोर जालोर निवासी श्री प्रकाशचंदजी छाजेड परिवार ने लिया।
दोपहर में श्री जिनकान्तिसागरसूरि गुरु पद पूजा पढाई गई व आरती उतारी गई। इस मेले का संपूर्ण लाभ श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, मुंबई द्वारा लिया गया। समारोह का संचालन मंत्री श्री सूरजमलजी धोका खंडप वालों ने किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सलाहकार श्री चंपालालजी मुथा-मांडवला, सलाहकार श्री रिखबदासजी मालु-बाडमेर, कार्याध्यक्ष श्री द्वारकादासजी डोसी-बाडमेर, उपाध्यक्ष श्री मोहनलालजी दांतेवाडिया-मांडवला, उपाध्यक्ष श्री पारसमलजी छाजेड-मांडवला, उपाध्यक्ष श्री किशनचंदजी बोहरा-जयपुर, कोषाध्यक्ष श्री प्रकाशजी छाजेड-जालोर, मंत्री श्री सूरजमलजी धेका-खण्डप, मंत्री श्री मांगीलालजी संखलेचा-बाडमेर, निर्माण मंत्री श्री मीठालालजी विनायकिया-जालोर, श्री कांतिलालजी कागरेचा-ओटवाला, श्री दीपचंदजी कोठारी-ब्यावर, श्री धर्मेन्द्रजी पटवा-जालोर, श्री पारसमलजी बरडिया-मांडवला आदि ट्रस्टीगण उपस्थित थे।