Jan 27, 2016

Shri Sukhsagarji ms

Shri Sukhsagarji ms

Shri Sukhsagarji ms गणनायक महोदय श्री सुखसागरजी म.सा.की 130वीं पुण्यतिथि (28 January 2016) के अवसर पर आराधना-साधना के संकल्प कर शासन और गच्छ के बढ़ोतरी की कामना करें...

परम् पूज्य क्रियोद्धारक गणनायक महोदय श्री सुखसागरजी म.सा.की 130वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आराधना-साधना के संकल्प कर शासन और गच्छ की बढ़ोतरी की कामना करें...

पुण्यतिथि दिवस माघ वदि-4

28 जनवरी 2016 गुरुवार 

प्रतिकमण, स्नात्र पूजा, सामायिक, आयम्बिल, एकासना, उपवास, देववन्दन  आदि विविध आराधना कर श्रद्धांजलि अर्पण करें।



Jan 3, 2016

Sangh Yatra... बैगानी परिवार जयपुर द्वारा आयोजित... श्री शत्रुंजय छ:री पालित तीर्थयात्रा भावोल्लास के संपन्न ...

Palitana
पूज्य पिताश्री शानुरामजी एवं माताश्री श्रीमती वीरांबाईजी के आशीर्वाद से आयोजित आदर्श नगर, जयपुर निवासी भ्राताद्वय संघवी श्री सुरेशकुमारजी, सुभाषचंदजी बैगानी परिवार द्वारा संघयात्रा का आयोजन किया गया। 
इस तीर्थयात्रा में पूज्य गुरुदेव गणाधीश उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. के शिष्य पूज्य मुनिराज श्री मयंकप्रभसागरजी म., मुनि मेहुलप्रभसागरजी म. आदि ठाणा की निश्रा एवं साध्वीवर्या श्री दिव्यप्रभाश्रीजी म. व प्रियदर्शनाश्रीजी म. आदि ठाणा की सानिध्यता प्राप्त हुयी। 
पालीताणा में संघ का विश्राम भीनमाल भवन व दक्ष विहार में हुआ। मुनि मेहुलप्रभसागरजी महाराज ने प्रवचन फरमाते हुए कहा- एक व्यक्ति गाडी में बैठकर तीर्थ यात्रा करता है। और एक व्यक्ति पैदल चल कर आज्ञा के अनुसार छह री का पालन करता हुआ तीर्थ यात्रा करता है। इन दोनों यात्राओं में बहुत अन्तर है। गाडी की यात्रा शरीर को आराम देती है। पर पैदल चलकर की जाने वाली यात्रा आत्मा को पावन करती है।