Feb 14, 2016

Palitana Pravesh जैनों की आस्था स्थली विश्व प्रसिद्ध पालीताणा तीर्थ में आज दि. 14 फरवरी 2016 को गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति श्री मणिप्रभसागरजी महाराज आदि विशाल श्रमण-श्रमणी वृंद का भारत के विभिन्न प्रांतों में विचरण करते हुये शोभायात्रा के साथ प्रवेश किया।

 प्रात: आठ बजे शत्रुंजय गेट से प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुयी जो हरि विहार स्थित आदिनाथ मंदिर के दर्शन करते हुये तलेटी रोड पर झूमते, नाचते, गाचते, नारा लगाते गुरुभक्तों के साथ श्रमण-श्रमणी वृंद ने सिद्धाचल गिरिराज की आराधना-अर्चना की। साथ ही सम्मेलन के सफलता की कामना की। 

आज गुरुदेव के महासम्मेलन हेतु प्रवेश समारोह में भाग लेने अहमदाबाद, वडोदरा, मुंबई, रायपुर, सुरत, बाडमेर, बेंगलोर सहित अखिल भारत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

लगभग 6 दशक बाद तीर्थाधिराज पालिताना में देश भर के खरतरगच्छ के साधू साध्वी एव श्रावक श्राविका का समेलन हो रहा है।

गिरिराज आराधना के पश्चात हरि विहार के प्रांगण में स्वागत सभा का आयोजन हुआ।

Palitana श्री खरतरगच्छ सम्मलेन हेतु भव्य प्रवेश 14 February 2016


Feb 10, 2016

Shri Ravindra Jain... पद्मश्री रवीन्द्र जैन की प्रस्तुति. स्तवन के बोल है- मोकलसर के महासंत में चमत्कार है भारी


इंदौर के महावीर बाग़ में संगीतकार पद्मश्री रवीन्द्र जैन की प्रस्तुति 
स्तवन के बोल है- मोकलसर के महासंत में चमत्कार है भारी, मणिप्रभ की मणि कांति से झगमग करे दिशाएँ सारी।

Feb 9, 2016

Jahaj Mandir जहाज मंदिर की वर्षगांठ 21 फरवरी को... निवेदन है कि वर्षगांठ पर आप अवश्य ही सम्मिलित होकर जिनशासन की शोभा बढावें।

JahajMandir

पूज्य गुरुदेव आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के समाधि-धाम जहाज मंदिर मांडवला की प्रतिष्ठा की 17वीं वर्षगांठ माघ सुदि 14 ता. 21 फरवरी 2016 को मनाई जायेगी। सतरह भेदी पूजा के साथ ध्वजा चढाई जायेगी।
सुबह 9 बजे वरघोडा निकाला जायेगा। उसके बाद झण्डारोहण होगा। प्रात: 10 बजे सभा का आयोजन होगा। जिसमें अतिथियों का बहुमान किया जायेगा। 12 बजे मंदिर जी में परमात्मा के अठारह अभिषेक होंगे। विजय मुहूत्र्त में ध्वजा चढाई जायेगी।
निवेदन है कि वर्षगांठ पर आप अवश्य ही सम्मिलित होकर जिनशासन की शोभा बढावें।

Feb 6, 2016

Navkar prarthna... Namokar Aradhna नवकार आभार प्रार्थना

नमो अरिहंताणं ।।
हे अरिहंत प्रभु !
आप परम योग्य हैंआपकी योग्यता को नमस्कार हो। आपकी प्रेरणा से मेरे भीतर की योग्यताएँ प्रकट हो रही हैं इसलिए आपका आभार-आभार-आभार !

नमो सिद्धाणं
हे सिद्ध प्रभु !
 आप सर्वथा शुद्ध हो । मंज़िल को प्राप्त हो चुके हो। आपकी शुद्ध बुद्ध मुक्त अवस्था को मेरा नमस्कार हो । आपकी प्रेरणा से मैं भी अपनी मंज़िल को प्राप्त हो रहा हूँ इसलिए आपका आभार-आभार-आभार ! धन्यवाद !!

Feb 2, 2016

Shri Maniprabhsagarji ms in Surat पूज्य गणाधीशजी का सूरत में ऐतिहासिक प्रवास

पूज्य गुरुदेव गणाधीश श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. पू. मुनि श्री श्रेयांसप्रभसागरजी म. के साथ सूरत संघ की भावभरी विनंती को स्वीकार कर शहादा से तलोदा, वाण्याविहिर, अक्कलकुआ, खापर, सेलंबा, उमरपाडा, मांडवी, कडोद होते हुए ता. 26 जनवरी 2016 को सूरत माँडल टाउन पधारे, जहाँ पूज्यश्री का भव्यातिभव्य स्वागत किया गया। 
श्री बाडमेर जैन संघ, सूरत एवं श्री कुशल कान्ति खरतरगच्छ संघ, सूरत के तत्वावधान में पूज्यश्री का भव्य सामैया संपन्न हुआ। ऐसा ऐतिहासिक प्रवेश लोगों ने प्रथम बार देखा। बाहर से बडी संख्या में श्रद्धालुओं का पदार्पण हुआ। 

Ujjain Avanti Parswanath अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ के चुनाव संपन्न

Ujjain Avanti Parswanath 
श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ ट्रस्ट, उज्जैन के चुनाव 20 दिसम्बर को संपन्न हुए। जिसमें श्री हीराचंदजी छाजेड अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उपाध्यक्ष श्री निर्मलकुमारजी संखलेचा, सचिव श्री चन्द्रशेखरजी डागा, कोषाध्यक्ष के पद पर श्री ललितकुमारजी बाफना चुने गये।
श्री रमेशचंदजी बांठिया, विजयचंदजी कोठारी, श्री महेन्द्रकुमारजी गादिया, श्री नरेन्द्रकुमारजी धाकड एवं श्री रजतकुमारजी मेहता ट्रस्टी चुने गये।
यह ज्ञातव्य है कि पूज्य गुरुदेव गणाधीश श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. की पावन प्रेरणा एवं उनकी निश्रा में अति प्राचीन श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ का जीर्णोद्धार चल रहा है। इस जीर्णोद्धार की यह विशेषता है कि मूलनायक परमात्मा का उत्थापन किये बिना यह जीर्णोद्धार चल रहा है।

Simandhar swami ji full details सीमंधर स्वामी का अधिक परिचय...

भगवान सीमंधर स्वामी कौन है?

भगवान सीमंधर स्वामी वर्तमान तीर्थंकर भगवान हैं, जो हमारी जैसी ही दूसरी पृथ्वी पर विराजमान हैं। उनकी पूजा का महत्व यह है कि उनकी पूजा करने से, उनके सामने झुकने से वे हमें शाश्वत सुख का मार्ग दिखाएँगे और शाश्वत सुख प्राप्त करने का और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग दिखाएँगे।
भगवान सीमंधर स्वामी कहाँ पर है?
महाविदेह क्षेत्र में कुल ३२ देश है, जिसमें से भगवान श्री सीमंधर स्वामी पुष्प-कलावती देश की राजधानी पुंडरिकगिरी में हैं। महाविदेह क्षेत्र हमारी पृथ्वी के उत्तर पूर्व दिशा से लाखों मील की दूरी पर है।

सीमंधर स्वामी का अधिक परिचय...
भगवान सीमंधर स्वामी का जन्म हमारी पृथ्वी के सत्रहवें तीर्थंकर श्री कुंथुनाथ स्वामी और अठारहवें तीर्थंकर श्री अरनाथ स्वामी के जीवन काल के बीच में हुआ था। भगवान श्री सीमंधर स्वामी के पिताजी श्री श्रेयांस पुंडरिकगिरी के राजा थे। उनकी माता का नाम सात्यकी था।
अत्यंत शुभ घड़ी में माता सात्यकी ने एक सुंदर और भव्य रूपवाले पुत्र को जन्म दिया। जन्म से ही बालक में मतिज्ञान, श्रुतज्ञान और अवधि ज्ञान से युक्त थे।