Oct 30, 2017

Shri JINManiprabhSURIji ms. पूज्य गुरुदेव आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरिजी म. सा. आदि ठाणा का विहार कार्यक्रम

पूज्यश्री का कार्यक्रम

पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा 8 बीकानेर चातुर्मास के पश्चात् विहार कर बिकमपुर पधारेंगे। जहॉं उनकी पावन निश्रा में ता. 15 नवम्बर 2017 को महावीर स्वामी जिन मंदिर एवं मणिधारी जिनचन्द्रसूरि दादावाडी की प्रतिष्ठा होगी।
वहॉं से ता. 16 को विहार कर पुनः बीकानेर पधारेंगे। जहॉं ता. 26 नवम्बर को उनकी निश्रा में तुलसी विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा संपन्न होगी।
वहॉं से विहार कर नागोर, फलोदी होते हुए बालोतरा, सिणधरी पधारेंगे। वहॉं से नाकोडा, जसोल, सिवाना, मोकलसर होते हुए ता. 5 जनवरी 2018 को जहाज मंदिर मांडवला पधारेंगे। लगभग 10-12 दिनों की स्थिरता के पश्चात् विहार कर चितलवाना पधारेंगे। जहॉं संघवी लाधमलजी मावाजी मरडिया परिवार द्वारा निर्मित विद्यालय का उद्घाटन होगा।
वहॉं से पूज्यश्री सांचोर पधारेंगे। वहॉं श्री शांतिनाथ जिन मंदिर प्रतिष्ठा का रजत जयंती महोत्सव का कार्यक्रम संपन्न होगा। 25 वर्ष पहले पूज्यश्री की निश्रा में ही इस मंदिर का भव्य अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न होगा। त्रिदिवसीय यह समारोह 28 से 30 जनवरी 2019 तक चलेगा। ध्वजा समारोह 29 जनवरी को होगा।
वहॉं से पूज्यश्री चौहटन होते हुए बाडमेर की ओर विहार करेंगे, जहॉं पूज्यश्री की निश्रा में ता.11 फरवरी को प्रतिष्ठा संपन्न होगी।
वहॉं से विहार कर पूज्यश्री बालोतरा पधारेंगे, जहॉं 21 फरवरी को श्री केशरियानाथ जिन मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा संपन्न होगी। वहॉं से विहार कर पूज्यश्री नोरवा जिनकुशल हेम विहार धाम तीर्थ, पाली होते हुए ब्यावर पधारेंगे। वहॉं श्री चन्द्रप्रभ मंदिर की प्रतिष्ठा ता. 4 मार्च को करवाकर बिजयनगर की ओर विहार करेंगे, जहॉं 12 मार्च को अंजनशलाका प्रतिष्ठा संपन्न करवायेंगे। वहॉं से पूज्यश्री गुलाबपुरा, धनोप, देवलिया, सराणा, फतेहगढ, मालपुरा होते हुए जयपुर पधारेंगे, जहॉं 19 अप्रेल को मुनिसुव्रतस्वामी जिन मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा होगी। साथ ही 22 अप्रेल को मानसरोवर मंदिर की प्रतिष्ठा होगी। वहॉं से विहार कर पूज्यश्री अजमेर, बिजयनगर, भीलवाडा होते हुए चित्तौड पधारेंगे, जहॉं 6 मई को नाकोडा पार्श्वनाथ तलेटी मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा होगी। वहॉं से निम्बाहेडा प्रतिष्ठा करवाकर मंगलवाड चौराहा की प्रतिष्ठा 13 मई को करवायेंगे।

संपर्क सूत्र  मुकेश प्रजापत- 79871 51421
संपर्क-  मुकेश- 097843 26130  
                @ 098251 05823, 
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पूज्य उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागरजी म. सा. मुनि कल्पज्ञसागरजी म. मुनि श्री नयज्ञसागरजी म. चौहटन में चातुर्मासार्थ बिराजमान है।
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पूज्य मुनि प्रवर श्री मुक्तिप्रभसागरजी म. सा. एवं मुनि मनीषप्रभसागरजी म. दिल्ली महानगर में  चातुर्मासार्थ बिराजमान है।

Oct 28, 2017

BIKANER बीकानेर में सूरि मंत्र साधना महामांगलिक के साथ संपन्न

JINMANIPRABHSURI
पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की सूरि मंत्र की द्वितीय पीठिका की साधना अत्यन्त आनंद व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। पीठिका की आराधना ता. 23 सितम्बर से प्रारंभ हुई। पीठिका की साधना श्री धनराजजी ढड्ढा के निवास पर की गई। ता. 8 को पूज्यश्री पीठिका साधना से बाहर पधारे। पीठिका की पूर्णाहुति पर महामांगलिक का भव्य आयोजन हुआ।
इस महामांगलिक के अवसर पर पूरे भारत से बडी संख्या में श्रद्धालु उमड पडे। उज्जैन, इन्दौर, बिजयनगर, भीलवाडा, ब्यावर, बाडमेर, बालोतरा, सिणधरी, चितलवाना, सांचोर, पूना, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, भिनाय, फतेहगढ, धनोप, देवलिया, जयपुर, जोधपुर, नागोर, नीमच, निम्बाहेडा, चित्तौड, उदयपुर, फलोदी, दिल्ली, कोलकाता आदि नगरों से बडी संख्या में लोगों का आगमन हुआ।
कार्यक्रम का प्रारंभ 9 बजे हुआ जो दोपहर ढाई बजे तक चला। इतना लम्बा कार्यक्रम होने पर भी सभी लोगों की संपूर्ण उपस्थिति पूरे समय तक रही।

UJJAIN अवंती तीर्थ उज्जैन की प्रतिष्ठा 18 फरवरी 2019 को

उज्जैन मुहूर्त घोषणा
अतिप्राचीन चमत्कारी सुप्रसिद्ध महान् तीर्थ श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ, उज्जैन की प्रतिष्ठा आगामी चातुर्मास के पश्चात् वि. सं. 2075 माघ सुदि 14 ता. 18 फरवरी 2019 को संपन्न होगी।
उज्जैन में पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूजनीया बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा का भव्य चातुर्मास चल रहा है। उनकी पावन निश्रा में उज्जैन के समस्त श्री संघों की मीटींग हुई, जिसमें प्रतिष्ठा महोत्सव की विनंती करने के लिये बीकानेर जाने का तय किया गया। साथ ही प्रतिष्ठा महोत्सव समिति का गठन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार के उर्जा मंत्री श्री पारसजी जैन को चेयरमेन व संघवी कुशलजी गुलेच्छा बैंगलोर को संयोजक नियुक्त किया गया।
उज्जैन से प्रतिष्ठा महोत्सव की विनंती करने हेतु लगभग सवा सौ प्रतिनिधियों का संघ बीकानेर पहुँचा। इस प्रतिनिधि मंडल की विशेषता थी कि इसमें उज्जैन के मंदिरमार्गी, स्थानकवासी, तेरापंथी आदि समस्त संप्रदायों के आगेवान श्रावक सम्मिलित हुए।

CHATURMAS NIRNAY चातुर्मासों की घोषणा 12 मार्च को

पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ने घोषित किया है कि आगामी वि.सं. 2075 सन् 2018 के श्री सुखसागरजी महाराज के समुदाय के साधु साध्वियों के चातुर्मासों की घोषणा 12 मार्च 2018 चैत्र वदि 10 सोमवार को बिजयनगर में प्रतिष्ठा के अवसर पर की जायेगी।

अपने अपने क्षेत्र में चातुर्मास कराने के भाव रखने वाले समस्त संघों के प्रतिनिधि बिजयनगर पधारें। व्यवस्था हेतु बिजयनगर में इस नंबर पर संपर्क करें-
योगेन्द्रसिंह सिंघवी 9833433801
जीतेन्द्र मुणोत 94142 78980



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BIJAYNAGAR बिजयनगर मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा 12 मार्च को

अजमेर जिले के बिजयनगर नगर में श्री नाकोडा पार्श्वनाथ भैरव पूर्णिमा मंडल के तत्वावधान में चल रहे श्री नाकोडा पार्श्वनाथ जिन मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा आगामी 12 मार्च 2018 को पूज्य गुरुदेव आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा एवं पूजनीया बहिन म. डॉ. विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा के पावन सानिध्य में संपन्न होगी।
बीकानेर में ता. 8 अक्टूबर को महामांगलिक के अवसर पर बिजयनगर से श्री संघ ने पूज्य गुरुदेव श्री से मुहूर्त्त प्रदान करने का निवेदन किया। जिसे स्वीकार कर पूज्यश्री ने शुभ मुहूर्त्त का पत्र अर्पण किया। शुभ मुहूर्त्त को प्राप्त कर सकल श्री संघ में हर्ष व आनंद का वातावरण छा गया।

BIKANER बीकानेर में प्रतिष्ठा संपन्न

BIKANER बीकानेर में प्रतिष्ठा संपन्न
बीकानेर नगर के सुप्रसिद्ध अतिप्राचीन श्री चिंतामणि आदिनाथ जिन मंदिर, श्रेष्ठिवर्य श्री भांडाशाह द्वारा निर्मित श्री सुमतिनाथ मंदिर, श्री वासुपूज्य मंदिर एवं श्री कुंथुनाथ मंदिर में प्रतिष्ठा महोत्सव पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मयंकप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मेहुलप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री समयप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री श्रेयांसप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. आदि मुनिमंडल एवं पूजनीया साध्वी डॉ. श्री प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. आदि साध्वी मंडल के पावन सानिध्य में ता. 11 अक्टूबर 2017 बुधवार कार्तिक वदि 6 को आनंद व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई।

BEAWAR ब्यावर में प्रतिष्ठा 4 मार्च को

स्टेशन रोड पर स्थित श्री चन्द्रप्रभ जिन मंदिर का प्रतिष्ठा महोत्सव चैत्र वदि 3 रविवार ता. 4 मार्च 2018 को आयोजित होगा। इस मंदिर का निर्माण शा. धूलचंदजी कालूरामजी कांकरिया ट्रस्ट द्वारा किया गया है। प्रतिष्ठा महोत्सव हेतु श्री अतुलजी कांकरिया ने ब्यावर संघ के सदस्यों के साथ पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. से विनंती की। जिसे स्वीकार कर पूज्यश्री ने 4 मार्च 2017 चैत्र वदि 3 रविवार का शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया। वर्तमान में इस मंदिर के ट्रस्टी श्री निहालचंदजी शांतिलालजी अतुलजी कांकरिया हैं, जो पूरी तन्मयता से जिन मंदिर की सुव्यवस्था देख रहे हैं।

MANGALWAD मंगलवाड चौराहा प्रतिष्ठा 13 मई को

उदयपुर चित्तौड मुख्य मार्ग पर स्थित मंगलवाड चौराहा में नवनिर्मित जिन मंदिर की प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त्त पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ने 13 मई प्रथम ज्येष्ठ वदि 6 रविवार का प्रदान किया।

मंगलवाड संघ की ओर से श्री शांतिलालजी मांडोत ने भावभीनी विनंती की। उन्होंने पूज्यश्री के प्रति अपनी श्रद्धा अभिव्यक्त करते हुए मुहूर्त्त प्रदान करने की विनंती की। इस मंदिर का निर्माण जैन श्वेताम्बर कीकाभाई प्रेमचंद ट्रस्ट, गज मंदिर द्वारा करवाया जा रहा है। यह प्रतिष्ठा पूज्य आचार्यश्री की निश्रा में संपन्न होगी।

BALOTRA बालोतरा में अंजनशलाका महोत्सव 21 फरवरी 18 को

बालोतरा में श्री केसरियानाथ परमात्मा के जिन मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है। यह मंदिर बालोतरा के समस्त जैन अजैन समाज का श्रद्धा केन्द्र है। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ केसरियानाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से सकल श्री संघ ने बीकानेर आकर पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. से अंजनशलाका प्रतिष्ठा की भावभीनी विनंती की। जिसे स्वीकार कर पूज्य गुरुदेव श्री ने फाल्गुन सुदि 6 ता. 21 फरवरी 2018 का शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया। मुहूर्त्त की उद्घोषणा होने पर सकल श्री संघ में परम आनंद व उल्लास का वातावरण छा गया। पूज्यश्री की निश्रा में जाजम का मुहूर्त्त 31 दिसम्बर 2017 को संपन्न होगा।

JAIPUR जयपुर में अंजनशलाका प्रतिष्ठा 19 अप्रेल को

जयपुर नगर में पूजनीया प्रवर्तिनीवर्या श्री सज्जनश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभाश्रीजी म. की प्रेरणा से कटला स्थित श्री मुनिसुव्रतस्वामी जिन मंदिर का जीर्णोद्धार श्री सुमति कुशल सज्जन सेवा ट्रस्ट द्वारा करवाया जा रहा है। इस मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा कराने हेतु ट्रस्टी श्री फतेचंदजी बरडिया, जयपुर खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष श्री प्रकाशचंदजी लोढा आदि प्रतिनिधि गण पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की सेवा में बीकानेर पधारे। उन्होंने पूज्यश्री से प्रतिष्ठा करवाने व मुहूर्त्त प्रदान करने का निवेदन किया। जिसे स्वीकार कर पूज्यश्री ने वैशाख सुदि 4 ता. 19 अप्रेल 2018 का शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया।

BIKANER बीकानेर चातुर्मास परिवर्तन श्रीमती आशादेवी नेमचंदजी खजांची के घर

बीकानेर नगर में पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा 8 एवं पूजनीया साध्वी डॉ. श्री प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. आदि ठाणा 6 का ऐतिहासिक चातुर्मास संपन्नता की ओर है। चार महिनों में पूज्यश्री के निरन्तर अमृत प्रवचन रहे। प्रवचनों में इतनी भीड पहली बार देखी गई। एक दिन भी प्रवचन बन्द नहीं रहा। रविवार के प्रवचनों का विशेष आयोजन रहा।
चातुर्मास परिवर्तन हेतु परम भक्त सुश्रावक श्री नेमचंदजी खजांची की धर्मपत्नी श्रीमती आशा देवी खजांची ने अपने निवास स्थान पर पदार्पण की विनंती की। जिसे पूज्य गुरुदेव श्री ने स्वीकार किया। पूज्यश्री ने फरमाया- बीकानेर में हमें दो विशिष्ट व्यक्तित्व सदा सदा याद आते हैं। एक हमारे प्रिय भाईजी श्री हरखचंदजी नाहटा और दूसरे श्री नेमचंदजी खजांची। आज से 28 वर्ष पहले बीकानेर में हमारा आना नेमचंदजी के कारण ही हुआ था। उस समय साध्वी श्री हेमप्रभाश्रीजी म.सा. की प्रेरणा से उन्होंने उपधान तप का आयोजन करवाया था। वह उपधान गुरुदेवश्री के बाद पहला उपधान था।

Sep 25, 2017

Palitana 99 YATRA पालीताना में नवाणुं यात्रा

पूजनीया पार्श्वमणि तीर्थ प्रेरिका गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया तपोरत्ना श्री सुलक्षणाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया साध्वी डॉ. प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. की पावन प्रेरणा से श्री सिद्धाचल महातीर्थ की श्री आदिनाथ कान्ति मणि सामूहिक नवाणुं यात्राका भव्य आयोजन किया जा रहा है।
नवाणुं यात्रा का प्रारंभ मिगसर सुदि 15 रविवार ता. 2 दिसम्बर 2017 से होगा। माला विधान माघ वदि 11 शुक्रवार ता. 12 जनवरी 2018 को होगा।
यह नवाणुं पूज्य गुरुदेव आचार्य भगवंत खरतरगच्छाधिपति श्री जिन मणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती पूज्य मुनिराज श्री मुक्तिप्रभसागरजी म.सा. पूज्य मुनिराज श्री मनीषप्रभसागरजी म. आदि मुनि मंडल एवं पूजनीया महत्तरा पद विभूषिता श्री दिव्यप्रभाश्रीजी म.सा., पू. प्रियदर्शनाश्रीजी म., पू. प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म., पू. प्रियस्नेहांजनाश्रीजी म., पू. प्रियसौम्यांजनाश्रीजी म. आदि साध्वी मंडल के पावन सानिध्य में संपन्न होगी।

पू. साध्वी प्रियसौम्यांजनाश्रीजी म.सा. के संयम रजत वर्ष के अनुमोदनार्थ तिरपातूर निवासी शा. पन्नालालजी गौतमचंदजी पारसमलजी पुखराजजी कवाड परिवार इस यात्रा के प्रमुख लाभार्थी है। मुख्य लाभार्थी बने हैं- श्री मोतीलालजी गौतमचंदजी संपतराजजी कमलेशकुमारजी झाबक रायपुर एवं बीकानेर निवासी श्री बसंतकुमारजी विजयकुमारजी नवलखा परिवार। इस यात्रा का आयोजन अखिल भारतीय सदा कुशल सेवा समिति की ओर से किया जा रहा है।

Bikaner बीकानेर में अंजनशलाका प्रतिष्ठा 26 नवम्बर को

पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य रत्न पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में बीकानेर गंगाशहर के तुलसी विहार कॉलोनी में बन रहे नूतन जिन मंदिर का अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव मिगसर सुदि 7 रविवार ता. 26 नवम्बर 2017 को संपन्न होगा।
ता. 22 सितम्बर को तुलसी विहार संघ की ओर से पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री से मुहूर्त्त प्रदान करने की भावभरी विनंती की। जिसे स्वीकार कर पूज्यश्री ने यह शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया। मुहूर्त्त उद्घोषणा का लाभ तुलसी विहार जैन श्वेताम्बर पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बसंतजी नवलखा परिवार ने लिया था। उद्घोषणा कॉलोनी निर्माता श्री सुमेरमलजी दफ्तरी ने की। जिसे श्रवण कर सकल श्री संघ में परम आनंद व उल्लास का वातावरण छा गया।

यह ज्ञातव्य है कि इस मंदिर का खातमुहूर्त्त व शिलान्यास इसी चातुर्मास में पूज्यश्री की पावन निश्रा में ता. 14 अगस्त 2017 को संपन्न हुआ था।

Aug 8, 2017

बीकानेर में खरतरगच्छ दिवस मनाया गया


पालीताना में संपन्न हुए खरतरगच्छ श्रमण श्रमणी सम्मेलन के निर्णय अनुसार श्रावण शुक्ल षष्ठी शनिवार को बीकानेर नगर में पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में खरतरगच्छ दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर पूज्य आचार्यश्री ने खरतरगच्छ की विशिष्टताओं का वर्णन किया।
सभा का संचालन करते हुए पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. ने जिन शासन के विकास में गच्छ के विविध क्षेत्रों में किये गये कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा- समस्त गच्छों में प्राचीन गच्छ खरतरगच्छ के आचार्य भगवंतों ने शासन विकास व विस्तार में अभूतपूर्व योगदान अर्पण किया है।
इस अवसर पर पूज्य पं. श्री पुण्डरीकरत्नविजयजी म. ने जिनशासन की महिमा का वर्णन करते हुए गच्छ के योगदान की सराहना की। पूज्य मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म. ने खरतरगच्छ के अनुयायी विशिष्ट श्रावकों का वर्णन सुनाते हुए प्रेरणा दी कि हमें अपने वर्तमान को उनकी भांति संवारना है। पू. साध्वी श्री प्रियस्वर्णांजनाश्रीजी म. ने पूर्वाचार्य भगवंतों के जीवन के उदाहरण सुनाते हुए गच्छ विकास में योगदान अर्पण करने की प्रेरणा दी। बाद में पॉवर प्रेजेण्टेशन के माध्यम से पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. ने गच्छ के इतिहास का सांगोपांग वर्णन किया। दो घंटे तक लगातार चले इस कार्यक्रम से सारी जनता प्रभावित हुई।

बीकानेर में स्वाध्याय शिविर संपन्न

बीकानेर में स्वाध्याय शिविर संपन्न
बीकानेर नगर में अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् की केन्द्रीय समिति के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में चार दिवसीय स्वाध्याय शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 25 शिविरार्थियों ने भाग लिया।
पूज्यश्री ने शिविर का उद्देश्य समझाते हुए कहा- हमें अपने गच्छ के स्वाध्यायी तैयार करने हैं। ताकि वे उन स्थानों पर जाकर जहॉं साधु साध्वीजी भगवंतो का चातुर्मास नहीं है। वहॉं पर्युषण महापर्व की आराधना विधि विधान शास्त्र-शुद्धता के साथ करवा सके।
अलग अलग सेशन में पूज्यश्री ने कल्पसूत्र वांचन, अष्टाह्निका प्रवचन वांचन, विधि-विधान आदि के संबंध विस्तार से समझाया। स्वाध्यायी प्रकोष्ठ के संयोजक रमेश लूंकड ने इस शिविर का संचालन किया।

शिविर समापन अवसर पर केयुप चेयरमेन संघवी अशोकजी भंसाली, अध्यक्ष रतनजी बोथरा, महामंत्री प्रदीप श्रीश्रीश्रीमाल ने शिविरार्थियों का बहुमान कर उन्हें किट भेंट किया। केयुप बीकानेर के अध्यक्ष राजीव खजांची ने सभी को धन्यवाद दिया।

उज्जैन अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा हेतु समिति की स्थापना

उज्जैन अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा हेतु समिति की स्थापना
अतिप्राचीन श्री अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ का शास्त्र शुद्ध जीर्णोद्धार पिछले 8 वर्षों से चल रहा है। यह जीर्णोद्धार पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन प्रेरणा व उनकी निश्रा में चल रहा है।
जीर्णोद्धार का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। प्रतिष्ठा के लक्ष्य से ही पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूजनीया बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा का चातुर्मास इस वर्ष उज्जैन नगर में हो रहा है।
पूजनीया बहिन म. डॉ श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. की पावन निश्रा में श्री अवंती पार्श्वनाथ जैन श्वे. तीर्थ मूर्तिपूजक मारवाडी समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में उज्जैन के समस्त ट्रस्टों के पदाधिकारियों की विशाल बैठक हुई। जिसमें बडी संख्या में ट्रस्टी गण पधारे।
इस अवसर पर पूजनीया बहिन म. ने फरमाया- अवंती तीर्थ सकल श्री संघ का है। यह प्रतिष्ठा सकल श्री संघ की है। प्रतिष्ठा से सभी को जुडना है।
इस अवसर पर सकल श्रीसंघ की सहमति से पूजनीया बहिन म. ने मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री श्री पारसजी जैन को अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के चेयरमेन एवं संघवी कुशल गुलेच्छा को संयोजक के रूप में घोषणा की।
इस घोषणा से सकल श्री संघ में हर्ष-हर्ष छा गया। निर्णय किया गया कि पर्युषण महापर्व के पश्चात् सकल श्रीसंघ के साथ बीकानेर पूज्य गच्छाधिपति आचार्यश्री की सेवा में जाकर मुहूर्त्त प्राप्त करेंगे।


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Bikaner बीकानेर में साध्वी श्री प्रियमुद्रांजनाश्रीजी म.सा. के मासक्षमण संपन्न

 बीकानेर नगर में पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ठाणा 8 एवं पूजनीया साध्वी श्री प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. ठाणा 6 की पावन निश्रा में पूजनीया पार्श्वमणि तीर्थ प्रेरिका गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. एवं पूजनीया वर्धमान तपाराधिका श्री सुलक्षणाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया साध्वी श्री प्रियमुद्रांजनाश्रीजी म.सा. के मासक्षमण की तपस्या शातापूर्वक संपन्न हुई।
बीकानेर चातुर्मास प्रवेश के साथ ही उन्होंने तपस्या का प्रारंभ किया था। मासक्षमण तपस्या के उपलक्ष्य में ता. 29 जुलाई 2017 शनिवार से श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ श्री संघ, बीकानेर के तत्वावधान में पंचाह्निका महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रथम दिन पार्श्वनाथ पंचकल्याणक पूजा श्री राजेन्द्रकुमारजी रिषभकुमारजी लूणिया परिवार की ओर से पढाई गई। दूसरे दिन पंच परमेष्ठी पूजा का लाभ श्री पन्नालालजी अजयकुमारजी अर्पित हर्षित खजांची परिवार ने लिया। तीसरे दिन श्री गौतमस्वामी पूजा का लाभ श्री चांदरतनजी अशोककुमारजी अरूण अनिल पारख परिवार ने लिया। चौथे दिन 1 अगस्त को भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा के पश्चात् तपस्वी अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। पू. तपस्वीजी के मासक्षमण के दिन तप पूरने के लक्ष्य से बहुत श्रावक श्राविकाओं ने उपवास तप किया।
वरघोडे व अभिनंदन समारोह में तपागच्छ के पूज्य पंन्यास प्रवर श्री पुंडरीकरत्नविजयजी म. आदि ठाणा, पार्श्वचन्द्र गच्छ के पूज्य मुनि श्री पुण्यरत्नचंद्रजी म., साधु साध्वी मंडल के साथ पधारे।
अभिनंदन समारोह का कुशल संचालन पूज्य मुनिराज श्री मनितप्रभसागरजी म. ने किया। इस अवसर पर पूज्य आचार्यश्री, पंन्यास प्रवर, पूज्य मुनिश्री पुण्यरत्नचंद्रजी म., पू. साध्वी श्री जिनेन्द्रप्रभाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. आदि के प्रवचन हुए। पूज्य प्रवरों ने तपस्वी महाराज की भूरि भूरि अनुमोदना की। समारोह एक बजे तक चला। हजारों श्रद्धालु पूरे समारोह में उपस्थित रहे। शोभायात्रा में इतनी भीड पहली बार देखी गई।
बाल मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ने अपनी माताजी महाराज के मासक्षमण की अनुमोदना करते हुए उनके उपकारों का वर्णन किया। उन्होंने भी लघु वय होने पर भी तेला तप करके मासक्षमण की अनुमोदना की।
पू. गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म. के संदेश का वांचन किया गया।
पू. साध्वी श्री प्रियश्रेष्ठांजनाश्रीजी म. प्रियसूत्रांजनाश्रीजी म. ने भजन द्वारा अनुमोदना की।
इस अवसर पर श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ बीकानेर के महामंत्री श्री शांतिलालजी सुराणा, गौहाटी के संदीप खजांची, चेन्नई के महिपालजी कानूंगा आदि ने अपने वक्तव्यों द्वारा तपस्या की अनुमोदना की।
श्री मगनजी कोचर, श्री सुनीलजी पारख, श्री नमन, जिनेश, प्रियल, सौ. आशाजी एवं आरतीजी एवं विचक्षण महिला मंडल आदि द्वारा गीतिकाऐं प्रस्तुत की गई।
पू. तपस्वीजी महाराज के गुरु पूजन का लाभ श्री मोतीचंदजी नरेन्द्रकुमारजी राजेशजी खजांची परिवार ने तथा रत्न प्रतिमा अर्पण करने का लाभ श्री मूलचंदजी महावीरचंदजी खजांची परिवार द्वारा लिया गया। पूज्य आचार्य प्रवर ने भी रत्नमयी प्रतिमा तपस्वीजी म. को प्रदान की।
स्वामिवात्सल्य का लाभ श्री पानमलजी धनराजजी सरलादेवी सुरेन्द्र महेन्द्र नाहटा परिवार ने लिया।
दोपहर में पूज्य मुनि श्री मेहुलप्रभसागरजी म. के मार्गदर्शन में श्री शांतिस्नात्र महापूजन आयोजित हुआ। जिसका लाभ तपस्वी महाराज के सांसारिक परिवार श्री बस्तीचंदजी महिपालजी नमन जिनेश कानूंगा परिवार फलोदी निवासी वर्तमान चेन्नई वालों ने लिया। रात्रि को संगीत सम्राट् श्री मगनजी कोचर एण्ड मंडली द्वारा भक्ति भावना का भव्य आयोजन किया गया।
ता. 2 अगस्त को तपस्वीजी महाराज का पारणा संपन्न हुआ। दादा गुरुदेव की पूजा पढाई गई जिसका लाभ श्री सुन्दरलालजी राजेन्द्रकुमारजी दस्साणी परिवार ने लिया। पूजा, वरघोडा आदि की व्यवस्थाओं में अ.भा. खरतरगच्छ युवा परिषद् बीकानेर की अनुमोदनीय सहभागिता रही।

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Apr 9, 2017

Navpad Oli परमात्मा ने जो कहा है, गणधर भगवन्तो ने रचना की है वही सच्चा और निःशंक ज्ञान है।

आज नवपदजी ओली का 7वां दिन
ज्ञान पद की आराधना का दिन
संसार में जो भी दुःख है, वो सब हमारे अज्ञान के कारण है ।
ज्ञान के अभाव में हम देव गुरु और धर्म की पहचान नही कर पा रहे है।
उसी कारण हमारा चार गति में भटकना जारी है ।
ज्ञान के अभाव में जो ग्रहण करना चाहिए उसे हम छोड़ देते है, तुच्छ चीजों को पकड़ के रखते है, सही और गलत का निर्णय भी हम अज्ञान के कारण नही कर पा रहे है ।
संसार छोड़ने के लिए है ।
संयम पालन के लिये है ।

Apr 8, 2017

Navpad oli श्री नवपद शाश्वत ओली आराधना... छठा दिवस : सम्यग् दर्शन गुण की आराधना..



श्री  नवपद  शाश्वत  ओली  आराधना...
छठा दिवस : सम्यग् दर्शन गुण की आराधना..
सम्यग् दर्शन पद की आराधना के लिए उसके बारे में जानना आवश्यक है।
महान् दर्शन पद की आराधना का दिन
पिछले 5 दिन तक हमने देव और गुरु तत्त्व की आराधना की, समझी ।
आज से धर्म तत्त्व की आराधना।
धर्म को प्राप्त करके ही धर्मी बना जा सकता है।
धर्म तत्त्व में पहला है सम्यग् दर्शन।
सम्यग् दर्शन के बिना सभी प्रकार का ज्ञान मिथ्या ज्ञान कहलाता है।
किसी भी प्रकार की क्रिया मिथ्या कहलाती है।
इसलिए सबसे जरुरी और मुख्य तत्त्व है सम्यग् दर्शन।

Apr 7, 2017

Navpad Oli 5th day साधू जीवन, जगत के लिए आश्चर्य रूप है।

sadhu pad, jain sadhu, jain muni,
साधू पद की आराधना का दिन आज नवपद ओलीजी का पांचवा दिन
साधको की साधना में सदा सहायता करने वाले, अप्रमत्त गुण के धारक, लोक में रहे हुए सभी साधू भगवंतों को हमारी भाव पूर्वक वन्दना ।
साधू पद का वर्णन
साधना करे वो साधू,
मौन रखे वो मुनि
स्वयं के मन पर नियंत्रण रखे वह साधू
कोई भी वचन व्यर्थ का उच्चरित न हो, ऐसा ध्यान रखने वाले।
कोई प्रवृत्ति विरुद्ध न हो जाये इसकी जागरूकता रखने वाले।
साधू जीवन, जगत के लिए आश्चर्य रूप है।
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Apr 6, 2017

Navpad Oli नवपद ओलीजी का आज चौथा उपाध्याय पद की आराधना का दिन

नवपद ओलीजी का आज चौथा दिन।
उपाध्याय पद की आराधना का दिन।
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तपस्वियों के शाता हो ऐसी दादा गुरुदेव से प्रार्थना।।
उपाध्याय यानि शिष्यों के पठन पाठन की जिम्मेदारी, विनय की प्रतिमूर्ति, निश्रावर्ति सभी साधुओ को संयम मार्ग में स्थिर करने का महान कार्य।।
आचार्य शासन को चलाता है तो उपाध्याय संघ को।।
जिस वाणी को तीर्थंकरो ने कहा है उस वाणी को उपाध्याय पदधारी हमे सुनाते है।।
योग्य आत्मा को वात्सल्य, समझ, स्नेह देकर उसे धर्म में रत करना - यह उनकी जिम्मेदारी है।

Apr 5, 2017

Navpad Oliji 3rd day Achary pad आज नवपद ओलीजी का तीसरा दिन

आज नवपद ओलीजी का तीसरा दिन।
आचार्य पद की आराधना का दिन।
9 पदों में किसी भी व्यक्ति विशेष को वंदना नही की गयी है।
जो जो आत्मा उन उन महान गुणों तक पहुँचे है उन सभी गुणीजनों को एक साथ वंदना की गयी है।
@ आचार्य पद को नमन 
शासन की स्थापना अरिहंत परमात्मा करते हे
सिद्ध परमात्मा को नमन कर के..
अरिहंत परमात्मा की अनुपस्थिति मेँ आचार्य भगवंत जिन शासन का प्रतिनिधित्व करते हे।।
साधु साध्वी श्रावक श्राविका आदि चतुर्विध संघ का निर्वहन करते हे।
सिद्ध प्रभु ने हमको निगोद से बाहर निकाला।
अरिहंत प्रभु ने हमको धर्म का उपदेश दिया।
वीर प्रभु के निर्वाण से आज तक 2500 साल हुए हैं। और परमात्मा का शासन 18500 वर्ष तक चलेगा । इतने लंबे समय तक शासन को आचार्य भगवंत चलाएंगे।

Apr 4, 2017

navpad oli ओलीजी आराधना...उन पवित्र आत्माओं को सिद्ध कहा जाता है। जिन आत्माओ ने खुद के ऊपर लगे हुए सभी कर्मों का क्षय कर दिया हो। जो संसार के बंधन से मुक्त हो गए है। जो कभी जन्म नही लेंगे। जिनकी कभी मृत्यु नही होगी, जिनका कोई शरीर, मन नही है।

navpad oli 
आज नवपद ओलीजी का दूसरा दिन
सिद्ध पद की आराधना का दिन
9 पदों में किसी भी व्यक्ति विशेष को वंदना नही की गयी है।
जो जो आत्मा उन उन महान गुणों तक पहुँचे है उन सभी गुणीजनों को एक साथ वंदना की गयी है।
नमो सिद्धाणं।।।
सिद्ध प्रभु का परिचय
जिन आत्माओ ने खुद के ऊपर लगे हुए सभी कर्मों का क्षय कर दिया हो। जो संसार के बंधन से मुक्त हो गए है। जो कभी जन्म नही लेंगे।
जिनकी कभी मृत्यु नही होगी, जिनका कोई शरीर, मन नही है।
उन पवित्र आत्माओं को सिद्ध कहा जाता है।

Apr 3, 2017

Navpad Oli Detail नवपद ओली आराधना... अगर अरिहंत नही होते तो करुणा का इतना प्रचार नही होता।।। धर्म का ज्ञान नही होता।।। शासन की स्थापना नही होती।।।

Navpad Oli Detail
जैन जगत में नवपद की महिमा अपरंपार है !
नवपद : 1.अरिहंत 2. सिद्ध 3. आचार्य 4. उपाध्याय 5. साधु  6.दर्शन  7. ज्ञान 8. चारित्र 9. तप !!
यह आराधना वर्ष में दो बार आयंबिल तप के द्वारा की जाती है !
1. चैत्र सुदी 7 से 15 ( पूनम )
2. आसोज सुदी 7 से 15 तक !
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नवपद ओली आराधना का प्रारंभ आसोज माह से किया जाता है, एवं कुल 9 ओली अर्थात् चाढ़े चार वर्ष तक कुल 81 आयंबिल के साथ यह तप पूर्ण होता है !
नवपद आराधना में आज प्रथम पद में अरिहंत पद की आराधना की जाती है
अरि यानि शत्रु
हंत यानि नाश करने वाले...

शत्रुओ का नाश करने वाले अरिहंत कहलाते है...
अरिहन्त अपने कर्म रूपी शत्रु का नाश करते है...
अगर अरिहंत नही होते तो करुणा का इतना प्रचार नही होता।।। धर्म का ज्ञान नही होता।।।
शासन की स्थापना नही होती।।।

Feb 15, 2017

Rajgir Veeraytan राजगीर वीरायतन में जन्म कल्याणक महोत्सव


Rajgir Veeraytan 
परमात्मा श्री मुनिसुव्रत स्वामी जी भगवान के चार कल्याणक और परमात्मा महावीर स्वामीजी के 14 चातुर्मास से परम पवित्र बनी धरती स्वर्ग से भी सुन्दर राजगृही महातीर्थ खरतरगच्छ अधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराजा एवं संघरत्ना माताजी म सा एवं बहिन मसा साध्वी डॉ श्री विद्युत प्रभा श्रीजी मसा आदि साधू साध्वीजी की क्षेमंकरी पावन निश्रा में राजगृही नगरी में आचार्य चंदनाजी द्वारा स्थापित वीरायतन में नव निर्मित श्री पारसनाथजी जिन मंदिरजी की भव्यातिभव्य अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव प्रारम्भ हो चुकी है। अंजनशलाका प्रतिष्ठा 17 फरवरी 2017 को होगी । 56 दिक् कुमारिकाओ सह आज परमात्मा पार्श्वनाथ जी का जन्म कल्याणक भव्यता के साथ मनाया । 
Rajgir Veeraytan 

Feb 7, 2017

Gunaya Tirth श्री गुणायाजी तीर्थ का जीर्णोद्धार होगा

श्री जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ पावापुरी ट्रस्ट मंडल द्वारा लिये गये निर्णयानुसार भगवान महावीर स्वामी के प्रथम गणधर अनंत लब्धि निधान गुरु गौतमस्वामी की केवलज्ञान प्राप्ति भूमि श्री गुणायाजी तीर्थ का आमूलचूल जीर्णोद्धार कराया जायेगा।

इसी पावन भूमि पर परमात्मा महावीर के समवशरण लगे थे। यह भूमि गुणशील चैत्य कहलाती थी। यह जीर्णोद्धार पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में उनकी प्रेरणा से संपन्न होगा। जीर्णोद्धार का प्रारंभ 23 फरवरी 2017 को पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री की निश्रा में होगा।

Gunaya Tirth श्री गुणायाजी तीर्थ में नवनिर्मित धर्मशाला का उद्घाटन संपन्न

पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनिराज श्री मनितप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ठाणा 3 एवं पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पू. बहिन म. डाँ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. पू. साध्वी डाँ. श्री शासनप्रभाश्रीजी म. पू. साध्वी डाँ. श्री नीलांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री प्रज्ञांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री दीप्तिप्रज्ञाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री नीतिप्रज्ञाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री विभांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री विज्ञांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री निष्ठांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री आज्ञांजनाश्रीजी म. ठाणा 11 की पावन निश्रा में गौतमस्वामी गणधर भगवंत की केवलज्ञान प्राप्ति भूमि श्री गुणायाजी तीर्थ पर नवनिर्मित विशाल धर्मशाला- प्रवर्तिनी प्रमोदश्री धर्मशाला का उद्घाटन समारोह श्री जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ पावापुरी के तत्वावधान में सानन्द संपन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर पावापुरी की ओर विहार करते हुए पधारे पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय कीर्तियशसूरीश्वरजी म.सा. का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
धर्मशाला का उद्घाटन मुख्य लाभार्थी परिवार श्री नेमीचंदजी जसराजजी बाबूलालजी छाजेड परिवार इचलकरंजी निवासी हरसाणी वालों की ओर से किया गया।

Jan 14, 2017

Khartargacch Yuva Parishad अखिल भारतीय खरतर गच्छ युवा परिषद् द्वारा वांचना शिविर का आयोजन

Khartargachchh Yuva Parishad
अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् के तत्वाधान में श्री सम्मेतशिखरजी तीर्थ के प्रांगण में ऐतिहासिक त्रिदिवसीय वांचना शिविर 7 जनवरी से 9 जनवरी 2017 को खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीजी म.सा. की क्षेमंकरी निश्रा में अत्यंत ही हर्षोउल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का लाभ गढ़ सिवाना (हाल अहमदाबाद) निवासी श्रीमान अशोककुमारजी मानमलजी भंसाली परिवार ने लिया। इस शिविर में 250 से अधिक स्वाध्याय प्रेमी श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया।
वांचना शिविर के पहले दिन सम्मेतशिखरजी तीर्थ के राजेंद्र भवन से गुरुदेव ने सभी शिविरार्थी व लाभार्थी परिवार के साथ गाजते बाजते मधुबन श्वेताम्बर जैन सोसाइटी के रांका भवन के व्याख्यान हाल में प्रवेश किया। दीप प्रवज्जलन के पश्चात Kयुप का राष्ट्रीय गान हुआ। तत्पश्चात स्वागत भाषण में शिविर के लाभार्थी व Kयुप के चैयरमैन श्री अशोक जी भंसाली ने सभी को शिविर में पधारने की बधाई दी वरघोड़े की भव्यता देख अशोकजी ने कहा कि मुझे ऐसा लग रहा है जैसे हम चतुर्विध संघ का छरीपालित संघ लेकर आये है। K युप के राष्ट्रीय अध्यक्ष रतनजी बोथरा ने शिविर में पधारे महानुभावों व लाभार्थी परिवार को धन्यवाद दिया। तत्पश्चात गुरुदेव ने मंगलाचरण के बाद स्वाध्याय का महत्त्व समझाया और जैन धर्म की महिमा बताई।
Khartargachchh Yuva Parishad
तीनो दिन शिविर का कार्यक्रम में प्रात: योग प्राणायाम, साढ़े पांच बजे नवकार महामंत्र महिमा के बाद प्रभु दर्शन सेवा पूजा अल्पाहार। साढे आठ बजे से जैन धर्म मीमांसा, मंदिर अनुष्ठान, गच्छ का इतिहास, स्वाध्याय का महत्व, अनुशासन आदि विषयों पर वाचना। दोपहर में तत्वज्ञान एवं प्रश्नोत्तरी, शाम को प्रभु भक्ति के बाद प्रतिक्रमण और रात्रि प्रभु भक्ति की गयी
      प्रश्नोत्तरी में श्रावक श्राविकाओं द्वारा पूछे गए सवालों को आचार्य श्री ने बहुत ही सरलता से समझाया। शिविर में पधारे लोग गुरुदेव की सरलता देख मंत्रमुग्ध हो गए. सभी के चेहरे एक असीम आनंद की अनुभूति से छलक रहे थे।
       शिविर में स्वाध्याय प्रेमिओं का अनुशासन देखते ही बनता था। सभी लोग ठीक समय पर सामायिक के वस्त्र में आते थे एवं गुरुदेव द्वारा स्वाध्याय बहुत ही आनंद के साथ कर रहे थे शिविर को आचार्य भगवंत के साथ मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. व बहिन म. विधुतप्रभाश्रीजी एवं निलांजानाश्रीजी ने भी स्वाध्याय करवाया।
शिविर में जैन श्वेताम्बर सोसायटी मधूबन के अध्यक्ष श्री कमलसिंहजी रामपुरिया, अखिल भारतीय खरतरगच्छ प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मोतीलालजी झाबक, कुशल वाटिका के अध्यक्ष भवरलालजी छाजेड़, कोलकता से ज्ञानचंदजी लुनावत, विजयराजजी लोढ़ा, सुनीलजी चोरडिया, श्यामसुंदरजी वैद, रायपुर से संतोषजी गोलेच्छा, सुरेशजी कांकरिया, कुशलजी गोलेच्छा आदि कई गणमान्य लोगों ने शिबिर का लाभ लिया।
शिविर के समापन समारोह के दिन इन सभी महानुभावों का लाभार्थी परिवार द्वारा बहुमान किया गया। शिविर का सुन्दर भव्यता एवं K-युप के सदस्यों का उत्साह देख अगले शिविर हेतु कई गणमान्य महानुभावों ने अगले शिविर का लाभ देने का निवेदन किया जिसमें रायपुर निवासी श्री मोतीलाल जी झाबक को गुरुदेव ने स्वीकृति दी।
शिविर में बहुप्रतीक्षित अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद् के गठन की घोषणा की गयी। शिविर में K युप द्वारा प्रति वर्ष वार्षिक कैलेंडर छापने का भी निर्णय लिया गया।
अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद ने लाभार्थी परिवार का माला, श्रीफल, साफा, अभिनन्दन पत्र मोमेंटो द्वारा बहुमान किया व Kयुप के महामंत्री प्रदीप श्रीश्रीश्रीमाल ने लाभार्थी परिवार एवं शिविर में पधारे हुए सभी लोगो को धन्यवाद दिया। त्रिदिवसीय कार्यक्रम का पूरा मंच संचालन K युप के सहमंत्री मधुरभाषी श्री रमेशजी लुंकड़ ने किया।

प्रेषक: गौतम संकलेचा चेन्नई
अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् केंद्रीय प्रचार प्रसार समिति

Jan 4, 2017

shri Kshamakalyan mahopadhyay क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह का अनेक स्थानों पर विमोचन संपन्न

shri Kshamakalyan mahopadhyay
पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराज के आज्ञानुसार अखिल भारत में पूज्य विद्वद् शिरोमणि महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की 200 वीं पुण्यतिथि पौष वदि चतुर्दशी, दिनांक 28 दिसंबर 2016 आराधना, गुणानुवाद, स्नात्र पूजा, दादा गुरुदेव की पूजा के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी महाराज द्वारा रचित 119 कृतियों की संकलित पुस्तकें ‘क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह भाग प्रथम और ‘क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह भाग द्वितीय’ का विमोचन भी किया गया। कृति संग्रह का संपादन-संकलन पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराज के आशीर्वाद से उनके शिष्य आर्य मेहुलप्रभसागरजी महाराज द्वारा किया गया। 

जोधपुर

श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ जोधपुर के तत्वावधान में पूज्य आचार्यदेव श्री जिनकांतिसागरसूरिजी महाराज के शिष्य-प्रशिष्य पूज्य मुनिराज श्री मुक्तिप्रभसागरजी म. व पूज्य मुनिराज श्री मनीषप्रभसागरजी म. की पावन निश्रा में सरदारपुरा स्थित दादावाडी में श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की गुणानुवाद सभा एवं क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह के दोनों भागों का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर अनेक लोग उपस्थित रहे। पूज्य मुनिराज श्री मनीषप्रभसागरजी ने महोपाध्यायजी के जीवन चरित्र का वर्णन कर उनके उपकारों की स्मृति करवाई।

दिल्ली 

खरतरगच्छ युवा परिषद दिल्ली शाखा के तत्वावधान में गणिनी पद विभूषिता श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या समतामूर्ति पूज्या साध्वी श्री प्रियस्मिताश्रीजी म.सा., पूज्या साध्वी श्री प्रियलताश्रीजी म.सा., पूज्या साध्वी श्री प्रियवंदनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 6 की पावन निश्रा में श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की गुणानुवाद सभा एवं क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह के दोनों भागों का विमोचन किया गया।
समस्त कार्यक्रम केयूप-दिल्ली शाखा के कर्मठ कार्यकर्ता श्री सुबोधजी कोठारी के निवास स्थान पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम के पश्चात श्री सुबोधजी कोठारी द्वारा अल्पाहार का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर व्यवस्था सहयोगी श्री धनपतजी बोहरा का आभार व्यक्त किया गया।
प्रेषक-मनीष नाहटा (अध्यक्ष)
केयूप- दिल्ली शाखा

चेन्नई 

खरतरगच्छ युवा परिषद चेन्नई शाखा के तत्वावधान में महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी म.सा. की 200वीं पुण्य तिथि पर छत्तीसगढ़ रत्न शिरोमणि साध्वी श्री मनोहरश्रीजी म.सा. की सुशिष्या पूज्या साध्वी श्री सुमित्राश्रीजी म.सा. आदि ठाणा 4 की पावन निश्रा में श्री क्षमाकल्याणजी की गुणानुवाद सभा एवं श्री क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह पुस्तक के दोनों भागों का विमोचन महेन्द्रजी कोठारी एवं रणजीत गुलेच्छा द्वारा किया गया।
समस्त कार्यक्रम केयूप-चेन्नई शाखा द्वारा श्री जिनदत्तसूरि जैन धर्मशाला धर्मनाथ मंदिर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में साध्वीश्रीजी ने क्षमाकल्याणजी के संयम जीवन और तप त्याग को अच्छी तरह से समझाया उसके पश्चात उनके जीवन पर प्रश्नोत्तरी हुई। 
महेंद्रजी कोठारी ने महोपाध्यायजी की जीवनी पर प्रकाश डाला। विचक्षण महिला मंडल ने गीत के द्वारा भाव व्यक्त कियेे।
सभा में श्री जिनदत्तसूरी जैन मंडल के ट्रस्टी सहित केयुप चेन्नई शाखा के सदस्य उपस्थित थे।
प्रेषक-गौतम संकलेचा, कोषाध्यक्ष
केयूप- चेन्नई शाखा

बेंगलोर

बैंगलोर बसवनगुड़ी स्थित श्री जिनकुशलसूरि दादावाडी आराधना भवन के प्रांगण में महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की 200 वीं पुण्यतिथि निमित्ते सह पूज्या साध्वी श्री प्रियवंदाश्रीजी म. आदि ठाणा 6 के आराधनामय प्रभावक चातुर्मासिक आराधना —तज्ञता समारोह के उपलक्ष्य में खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराज की आज्ञानुसार पूज्या साध्वी श्री प्रियवंदाश्रीजी, शुद्धांजनाश्रीजी आदि ठाणा 6 की पावन निश्रा में बसवनगुड़ी में ता. 28.12.16 को प्रात: 9.30 बजे पूज्य महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी महाराज, जिनके नाम की वासक्षेप गुरू भगवंत हमें आशीर्वाद स्वरूप प्रदान करते हैं, की 200वीं पुण्यतिथि मनाई गई, एवं उनके द्वारा रचित पुस्तक क्षमाकल्याणजी —ति संग्रह भाग-१ एवं भाग-२ का विमोचन महेंद्रजी रांका, चुन्नीलालजी गुलेच्छा, लाभचंदजी मेहता, कुशलजी गुलेच्छा द्वारा किया गया।
सभा में महेंद्रजी रांका, तेजराजजी गुलेच्छा, कुशलजी गुलेच्छा अरविन्दजी कोठारी, ललितजी डाकलिया, विजयलक्ष्मीजी कोठारी ने अपना वक्तव्य दिया। साथ ही पूज्या गुरूवर्याओं का चातुर्मास —तज्ञता ज्ञापन समारोह, जिन्होंने हमें चार महीनों तक अनवरत ज्ञान की गंगा में भिगोया उनका आभार ज्ञापन किया गया। शांतिलालजी गोठी द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गई।
तत्पश्चात सकल संघ का स्वामीवात्सल्य रखा गया। महोत्सव में श्री जिनदत्त कुशल सूरि जैन सेवा मंडल व खरतरगच्छ युवा परिषद्, बैंगलोर शाखा का विशेष सहयोग रहा।
प्रेषक- ललित डाकलिया, अध्यक्ष
केयुप बेंगलोर

मुम्बई

श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ सांचोर के तत्वावधान में गणिनी पद विभूषिता श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या पूज्या साध्वी श्री प्रियरंजनाश्रीजी म.सा, पूज्या साध्वी श्री दिव्यांजनाश्रीजी म.सा., पूज्या साध्वी श्री प्रियशुभांजनाश्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में मुम्बई िस्थ्त विल्सन गली के कुशल भवन में श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की गुणानुवाद सभा एवं क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह के दोनों भागों का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साध्वीश्रीजी ने महोपाध्यायजी के वासक्षेप के महत्व को समझाते हुए महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख दी।

हैदराबाद

महावीर भवन, फीलखाना, हैदराबाद. के पवित्र प्रांगण में महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की 200 वीं पुण्यतिथी निमित्ते खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराज की आज्ञानुसार पूज्या साध्वी श्री विरागज्योतिश्रीजी म., साध्वी विश्वज्योतिश्रीजी म. की पावन निश्रा में ता. 28.12.16 को सुबह 9.30 बजे दिव्य वासक्षेप मंत्रितकर्ता पूज्य महोपाध्याय श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की 200वीं पुण्यतिथि मनाई गयी। गुणानुवाद सभा में क्षमाकल्याणजी —ति संग्रह भाग-१ एवं भाग-२ का विमोचन फीलखाना जैन मंदिर के अध्यक्ष चुन्नीलालजी संकलेचा, खरतरगच्छ संंघ हैदराबाद के अध्यक्ष बाबुलालजी संकलेचा द्वारा किया गया। 
महोपाध्यायजी की पुण्यतिथि के उपलक्ष में खरतरगच्छ युवा परिषद्, हैदराबाद शाखा द्वारा फिलखाना स्थित जिनमन्दिर शुद्धिकरण व सभी मुर्तिओं का विलेपन दि. 25 दिसंबर को दोपहर बारह बजे किया गया। 
इस पूनीत कार्य मेें ज्ञानवाटिका के विद्यार्थियोें ने सराहनीय सहयोग दिया। परिषद् द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
प्रेषक-अशोक संकलेचा, कोषाध्यक्ष
केयूप- हैदराबाद शाखा

नंदुरबार

श्री अजितनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ नंदुरबार के तत्वावधान में पूज्या गणिनी पद विभूषिता साध्वीवर्या श्री सूर्यप्रभाश्रीजी म. व साध्वीश्री पूर्णप्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा की पावन निश्रा में श्री क्षमाकल्याणजी महाराज की गुणानुवाद सभा एवं क्षमाकल्याणजी कृति संग्रह के दोनों भागों का विमोचन किया गया।
विमोचन पुखराजजी श्रीश्रीमाल एवं भीमराजजी कवाड ने किया।
इस अवसर पर अनेक लोग उपस्थित रहे। पूज्या गणिनी पद विभूषिता साध्वीवर्या श्री सूर्यप्रभाश्रीजी म. व साध्वी श्री हर्षपूर्णाश्रीजी म. ने महोपाध्यायजी के जीवन चरित्र का वर्णन कर वासक्षेप का महत्व बतलाया।

सुरत

प.पू. खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञा और प्रेरणा से महोपाध्याय प.पू. क्षमाकल्याणजी महाराज की 200 वीं पुण्यतिथि निमित्ते श्री मुनिसुव्रतस्वामी जैन मंदिर और श्री जिनदत्तसूरि जैन दादावाड़ी, हरिपुरा, सूरत का शुद्धिकरण दिनांक 1 जनवरी 2017, रविवार को श्री संघ के सदस्य एवं खरतरगच्छ युवा परिषद् सुरत के सदस्यों द्वारा किया गया। जिसमें दादावाडी ट्रस्ट व उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
इस आयोजन लाभ श्री चंदनमलजी मिश्रीमलजी छाजेड़, केयुप-सुरत सचिव अल्पेश चंदनमलजी छाजेड़, गढ़सिवाना वालों ने लिया।
शुद्धिकरण के कार्यक्रम के बाद अल्पाहार रखा गया।

प्रेस विज्ञप्ति