Feb 15, 2017

Rajgir Veeraytan राजगीर वीरायतन में जन्म कल्याणक महोत्सव


Rajgir Veeraytan 
परमात्मा श्री मुनिसुव्रत स्वामी जी भगवान के चार कल्याणक और परमात्मा महावीर स्वामीजी के 14 चातुर्मास से परम पवित्र बनी धरती स्वर्ग से भी सुन्दर राजगृही महातीर्थ खरतरगच्छ अधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराजा एवं संघरत्ना माताजी म सा एवं बहिन मसा साध्वी डॉ श्री विद्युत प्रभा श्रीजी मसा आदि साधू साध्वीजी की क्षेमंकरी पावन निश्रा में राजगृही नगरी में आचार्य चंदनाजी द्वारा स्थापित वीरायतन में नव निर्मित श्री पारसनाथजी जिन मंदिरजी की भव्यातिभव्य अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव प्रारम्भ हो चुकी है। अंजनशलाका प्रतिष्ठा 17 फरवरी 2017 को होगी । 56 दिक् कुमारिकाओ सह आज परमात्मा पार्श्वनाथ जी का जन्म कल्याणक भव्यता के साथ मनाया । 
Rajgir Veeraytan 

Feb 8, 2017

Shri Maniprabhsagarji ms. पूज्य गुरुदेव आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरिजी म. सा. आदि ठाणा का विहार कार्यक्रम

पूज्यश्री का कार्यक्रम

पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य देव श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ठाणा 3 एवं पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूजनीया बहिन म. डाँ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा 11 ता. 12 जनवरी 2017 को सम्मेतशिखरजी से विहार कर परमात्मा महावीर की केवलज्ञान भूमि ऋजुबालिका पधारे। वहाँ से काकन्दी होते हुए ता. 25 जनवरी को गुणायाजी तीर्थ पधारे। पुन: वहाँ से विहार कर ता. 30 जनवरी को पावापुरी तीर्थ पधारे। जहाँ पूज्यश्री का ट्रस्ट मंडल की ओर से स्वागत किया गया।
ता. 31 जनवरी को वीरायतन, पावापुरी के निवेदन पर पूज्यश्री का वहाँ प्रवचन आयोजित हुआ। ता. 1 फरवरी को पावापुरी में पूज्यश्री की निश्रा में एक नूतन धर्मशाला का भूमिपूजन किया गया।
तीन दिनों की स्थिरता के पश्चात् विहार कर कुंडलपुर होते हुए ता. 3 फरवरी को राजगृही वीरायतन पधारे।
पूज्यश्री यहाँ 15 दिन बिराजेंगे, पूज्यश्री की निश्रा में ता. 17 फरवरी को अंजनशलाका प्रतिष्ठा होगी।

प्रतिष्ठा के पश्चात् पूज्यश्री विहार कर गुणायाजी होते हुए छत्तीसगढ की ओर विहार करेंगे।
संपर्क सूत्र-

द्वारा- श्री मोतीलालजी झाबक
मेसर्स झाबक ट्रेक्टर्स, कमासीपारा, सत्ती बाजार
पो. रायपुर- 491001 छ.ग.

संपर्क-  मुकेश- 097843 26130  
                @ 098251 05823, 
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पूज्य उपाध्याय प्रवर  श्री मनोज्ञसागरजी म. सा. एवं मुनि नयज्ञसागरजी म. की निश्रा में बामणोर में प्रतिष्ठा उल्लासपूर्वक संपन्न हुई. अभी भाडखा गाव की और विहार किया है . फिर जैसलमेर के लिए विहार करेंगे . 
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पूज्य मुनि प्रवर  श्री मुक्तिप्रभसागरजी म. सा. एवं मुनि मनीषप्रभसागरजी   म. जहाज मंदिर में बिराजमान है. 
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पूज्य मुनि श्री मयंकप्रभसागरजी म. मेहुलप्रभसागरजी म. आदि ठाणा पालिताना के श्री जिन हरि विहार धर्मशाला में  बिराजमान है।

संपर्क  02848 252653,  094270 63069 

Feb 7, 2017

Gunaya Tirth श्री गुणायाजी तीर्थ का जीर्णोद्धार होगा

श्री जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ पावापुरी ट्रस्ट मंडल द्वारा लिये गये निर्णयानुसार भगवान महावीर स्वामी के प्रथम गणधर अनंत लब्धि निधान गुरु गौतमस्वामी की केवलज्ञान प्राप्ति भूमि श्री गुणायाजी तीर्थ का आमूलचूल जीर्णोद्धार कराया जायेगा।

इसी पावन भूमि पर परमात्मा महावीर के समवशरण लगे थे। यह भूमि गुणशील चैत्य कहलाती थी। यह जीर्णोद्धार पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में उनकी प्रेरणा से संपन्न होगा। जीर्णोद्धार का प्रारंभ 23 फरवरी 2017 को पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री की निश्रा में होगा।

Gunaya Tirth श्री गुणायाजी तीर्थ में नवनिर्मित धर्मशाला का उद्घाटन संपन्न

पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनिराज श्री मनितप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ठाणा 3 एवं पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पू. बहिन म. डाँ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. पू. साध्वी डाँ. श्री शासनप्रभाश्रीजी म. पू. साध्वी डाँ. श्री नीलांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री प्रज्ञांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री दीप्तिप्रज्ञाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री नीतिप्रज्ञाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री विभांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री विज्ञांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री निष्ठांजनाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री आज्ञांजनाश्रीजी म. ठाणा 11 की पावन निश्रा में गौतमस्वामी गणधर भगवंत की केवलज्ञान प्राप्ति भूमि श्री गुणायाजी तीर्थ पर नवनिर्मित विशाल धर्मशाला- प्रवर्तिनी प्रमोदश्री धर्मशाला का उद्घाटन समारोह श्री जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ पावापुरी के तत्वावधान में सानन्द संपन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर पावापुरी की ओर विहार करते हुए पधारे पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय कीर्तियशसूरीश्वरजी म.सा. का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।
धर्मशाला का उद्घाटन मुख्य लाभार्थी परिवार श्री नेमीचंदजी जसराजजी बाबूलालजी छाजेड परिवार इचलकरंजी निवासी हरसाणी वालों की ओर से किया गया।