Sep 4, 2018

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पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी .सा. के द्वारा सूरिमंत्र की तृतीय पीठिका की साधना दि. 4 अक्टुबर से 28 अक्टुबर तक होगी।
साधना के दौरान दर्शन-वार्ता आदि संभव नहीं होंगे।
महामांगलिक दि. 28 अक्टुबर को होगी। महामांगलिक में सभी अवश्य पधारें।

नंदुरबार नगर में चातुर्मास निमित्त कार्यक्रम संपन्न, श्री चम्पा बालिका मंडल द्वारा ‘माँ की ममता हमें पुकारे’ नाटिका प्रस्तुत की गयी

नंदुरबार 12 अगस्त। महत्तरा पदविभूषिता पू. श्री चंपाश्रीजी . एवं पू. साध्वी श्री जितेंद्रश्रीजी . की सुशिष्या धवलयशस्वी पू. साध्वी विमलप्रभाश्रीजी ., पू. साध्वी हेमरत्नाश्रीजी ., पू. साध्वी जयरत्नाश्रीजी ., पू. साध्वी रश्मिरेखाश्रीजी ., पू. साध्वी चारुलताश्रीजी ., पू. साध्वी नूतनप्रियाश्रीजी ., पू. साध्वी चारित्रप्रियाश्रीजी . ठाणा 7 की पावन निश्रा में नंदुरबार नगर में चातुर्मास बड़े हर्ष उल्लास से चल रहा है। इस निमित्त अनेक धार्मिक कार्यक्रम, अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में 12 अगस्त को माँ की ममता हमें पुकारे.. जिसमें सौतेली माता पर आधारित एक सुंदर नाटिका श्री चंपा बालिका मंडल की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत की गयी। जिसमें सगी माँ के मर जाने के बाद जब सौतेली माँ घर में आती है और बच्चों के साथ सौतेलेपन के व्यवहार पर आधारित इस नाटिका को जिस-जिस ने यह नाटिका देखी वह अपने आंसुओं को छुपा नहीं पाए। अंत में सगी माँ के दिये धार्मिक संस्कारों की वजह से सौतेली माँ का भी मन परिवर्तन हो जाता है।
यह नाटिका पू. साध्वी विमलप्रभाश्रीजी . की सुशिष्या पू. साध्वी नूतनप्रियाश्रीजी . द्वारा लिखी गयी। इस नाटिका में दिव्या कोचर, हितेश्री छाजेड, काजल बाफना, सिमरन बाफना, मोक्षा श्रीश्रीमाल, हर्षा श्रीश्रीमाल, कामना जैन, मोहित जीरावला सह 20-25 नन्हीं-नन्हीं बालिकाओं ने अहम भूमिका निभाते हुए कार्यक्रम सफल बनाया। कार्यक्रम में शुभम भंसाली और सौ. दीपा बच्छावत ने अपने भाव व्यक्त किये। कार्यक्रम का मंच संचालन शिवानी छाजेड द्वारा किया गया। इस नाटिका से पूर्व प्रतिक्रमण की भाव यात्रा हुई जिसमें प्रतिक्रमण का महत्व आदि बताया गया।
15 अगस्त को खरतरगच्छ दिवस निमित्त दादा गुरुदेव के जीवन पर आधारित प्रस्तुति दिखाई गयी। साथ ही इस चातुर्मास में पूज्या गुरुवर्याश्रीजी के सानिध्य में अनेक धार्मिक तप-आराधना चल रही हैं. जिसमें प्रतिदिन प्रवचन, प्रतिक्रमण, ज्ञातासूत्र एवं मंजुला चरित्र का वांचन, शिबिर के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं का धार्मिक अध्ययन, समेदशिखर तप, अट्ठाई, मासक्षमण, आयंबिल, ओली, अट्ठम तप जैसे अनेक तप की आराधना चल रही है। सभी कार्यक्रम श्री सकल जैन श्रीसंघ नंदुरबार द्वारा आयोजित किये जा रहे है।
-शुभम भंसाली



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बाड़मेर में बह रही ज्ञानगंगा-धारा


बाड़मेर। पू. खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरिजी महाराज साहब के शिष्यरत्न पूज्य विपुल साहित्यसर्जक मुनिराज श्री मनितप्रभसागरजी म., तपस्वी मुनि श्री समयप्रभसागरजी म., मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म. एवं मुनि श्री श्रेयांसप्रभसागरजी म. का बाड़मेर नगर में भव्यातिभव्य चातुर्मास गतिमान है। चातुर्मासिक प्रवचनों में नित्य ही विशाल जनसमूह के रूप मंे लगभग 1300 लोग उपस्थित रहते हैं।
पू. मुनि भगवंत की निश्रा में अनेकानेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिनमें पुणिया श्रावक की सामायिक, खरतरगच्छ उत्पत्ति, नेमिनाथ दीक्षा कल्याणक महोत्सव किये गये। पार्श्वनाथ मोक्ष कल्याणक के अवसर पर पार्श्वनाथ तीर्थ भावयात्रा, 22 परिषहों की संगीतमय विवेचना इत्यादि, 18 पाप स्थानक आलोचना, अनेक विषयों पर प्रवचन चले। रविवार को होने वाले प्रवचनों में लगभग 2000 की तादाद में लोग उपस्थित हो रहे हैं।
रोज सुबह 6.30 से 7.00 बजे तक जैन जीवन शैली की कक्षा भी निरंतर गतिमान है। तपस्या का अनोखा ठाठ लगा हुआ  है। सिद्धितप, श्रेणीतप, गणधर तप, सांकली, अट्ठम, सांकली एकासना इत्यादि तपस्याओं का सुन्दर माहौल बना हुआ है। गणधर तप में 170 आराधक, सिद्धि तप के 10, श्रेणि तप में 10 आराधक जुड़े है। विपुल बोथरा, सचिन मालू, अभिषेक धारीवाल, हिमानी भंसाली, मुस्कान वडे़रा, के 8, 9, 19, 16 उपवास की तपस्या सम्पन्न हुई।
इसमें भी सबसे विशिष्ट बाड़मेर के रत्न तपस्वी मुनि श्री समयप्रभसागरजी म. के 11 उपवास की तपस्या शातापुर्वक सम्पन्न हुई। उनके पारणे का लाभ सामायिक एवं नवकारवाली में बोला गया जिसके दोनों लाभ श्रीमती चन्द्रादेवी बाबुलालजी बोहरा ने लिये।
19 अगस्त को 4 घण्टे तक चले कल्याण मंदिर महापूजन में 170 जोड़ो ने पूजन किया। 17-18-19 अगस्त को अवन्ति पार्श्वनाथ के सामूहिक तेले हुए जिसमें 108 लोगों ने तेला का तप किया। दोपहर में भी तत्त्वज्ञान की कक्षा चल रही है।