Jan 13, 2018

केयुप केलेण्डर-2018 का विमोचन

अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् केयुप द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य केलेण्डर का प्रकाशन किया गया है। इस केलेण्डर की थीम खरतरगच्छ के एक हजार वर्ष पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में दादा गुरुदेव के चित्रों वाली ली गई है।

इस केलेण्डर का विमोचन 29 दिसम्बर 2017 को नाकोडाजी तीर्थ में संघ माला के अवसर पर संघपति देसाई परिवार एवं केयुप सदस्यों द्वारा किया गया।

सिवाना में खरतरगच्छ जैन भवन का उद्घाटन

पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. पू. मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ठाणा 3 एवं पूजनीया आगम ज्योति प्रवर्तिनी श्री प्रमोदश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूज्य बहिन म. डा. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा 8 का ता. 3 जनवरी 2018 को सिवाना नगर में भव्यातिभव्य नगर प्रवेश हुआ।
शोभायात्रा का प्रारंभ उम्मेदपुरा मंदिर से हुआ। चैमुखजी मंदिर, गोडीजी मंदिर, शंखेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर व दादावाडी, ललवानी दादावाडी दर्शन करते हुए तथा लाभार्थी चैपडा व ललवानी परिवार के यहां पगले करते हुए खरतरगच्छ जैन भवन पधारे। जहां पूज्यश्री की निश्रा में नवनिर्मित इस भवन का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन का लाभ श्री सुमेरमलजी प्रकाशजी चैपडा परिवार सिवाना-कोट्टूर ने लिया।
न्याति नोहरा में बहुमान व प्रवचन का आयोजन किया गया।
पूज्यश्री ने फरमाया- हमारा जीवन संज्ञाप्रधान है, इसे आज्ञाप्रधान बनाना है। जीवन परमात्मा की आज्ञा के अनुसार हो, ऐसा हमारे हृदय में निश्चय होना चाहिये।
इस अवसर पर लाभार्थी परिवारों का बहुमान किया गया। संघवी वंसराजजी भंसाली, मोतीलालजी ललवानी आदि ने अपने उद्गार व्यक्त किये।

इस भवन के निर्माण में संघ के अध्यक्ष श्री मोतीलालजी ललवानी के पुरूषार्थ की अनुमोदना की गई। संचालन मुकेश चैपडा ने किया।

पूज्यश्री का अपनी जन्मभूमि मोकलसर में प्रवेश

पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. पू. मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ठाणा 3 एवं पूजनीया आगम ज्योति प्रवर्तिनी श्री प्रमोदश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूज्य बहिन म. डा. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा 8 का ता. 4 जनवरी 2018 को मोकलसर नगर में भव्यातिभव्य नगर प्रवेश हुआ।
आचार्य पद ग्रहण करने के पश्चात् प्रथम बार पूज्यश्री का अपनी जन्मभूमि में पदार्पण हुआ। मोकलसर गांव के प्रवासी बडी संख्या में पधारे।
दादावाडी से भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ। दो वर्षों तक भोजनशाला के लाभार्थी श्री मूलचंदजी हुण्डिया परिवार द्वारा उद्घाटन किया गया।
महावीर भवन में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रवचन फरमाते हुए पूज्यश्री ने अपनी माताजी, गुरुदेवश्री एवं जन्मभूमि का उपकार माना।
पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. ने विरति धर्म की महिमा की। पूजनीया बहिन म. डा. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. ने पूज्यश्री के जीवन को पूर्ण सफल बताते हुए जीवन को सफल बनाना या जीवन में सफलता पाना, इन दो वाक्यों की व्याख्या की। पू. साध्वी डा. श्री नीलांजनाश्रीजी म. ने गुरु गुण गीतिका प्रस्तुत की।
पूज्यश्री को कामली वहोराने का लाभ श्री मूलचंदजी हुण्डिया परिवार ने तथा गुरु पूजन का लाभ पूज्यश्री के सांसारिक ननिहाल पक्ष श्रीमती जडावीदेवी कपूरचंदजी पालरेचा परिवार ने लिया।
इस अवसर पर संघवी तेजराजजी गुलेच्छा, भंवरलालजी गुलेच्छा, रमेश लूंकड, अशोक पालरेचा, सौ. रेणु पालरेचा आदि ने अपने भाव प्रस्तुत किये। संचालन संतोकचंदजी श्रीश्रीमाल ने किया।

बाद में पूज्यश्री के सांसारिक परिवार श्री बाबुलालजी रमेशकुमारजी लूंकड एवं ननिहाल परिवार श्रीमती जडावी देवी कपूरचंदजी पालरेचा के घर संघ सहित पगले किये गये। श्री मूलचंदजी हुण्डिया परिवार में भी पगले किये गये।

1700 यात्रियों का सिणधरी से नाकोडाजी संघ का भव्य आयोजन



पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. पू. मुनि श्री समयप्रभसागरजी म. पू. मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म. पू. मुनि श्री श्रेयांसप्रभसागरजी म. पू. मुनि श्री मलयप्रभसागरजी म. ठाणा 6 एवं पूजनीया आगम ज्योति प्रवर्तिनी श्री प्रमोदश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूज्य बहिन म. डा. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा, पू. महत्तरा पद विभूषिता समुदायाध्यक्षा श्री चंपाश्रीजी म. की शिष्या पू. साध्वी श्री हेमरत्नाश्रीजी म. आदि ठाणा 3 एवं पू. साध्वी श्री मुक्तांजनाश्रीजी म. आदि ठाणा 3 के पावन सानिध्य में सिणधरी नगर से श्री नाकोडाजी तीर्थ छह री पालित पद यात्रा संघ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

1700 यात्रियों के इस संघ का भव्य आयोजन सिणधरी निवासी श्री भीकचंदजी धनराजजी देसाई परिवार द्वारा किया गया।
ता. 23 दिसम्बर को शुभ मुहूत्र्त में संघ का प्रयाण हुआ। ता. 28 को नाकोडाजी तीर्थ में भव्य प्रवेश हुआ। प्रवेश समारोह में पूज्य आचार्य श्री विजयकीर्तिचन्द्रसूरिजी म. पूज्य गच्छाधिपति आचार्यश्री प्रद्युम्नविमलसूरिजी म. यतिवर श्री वसंतविजयजी म. आदि का पदार्पण हुआ।

ता. 29 दिसम्बर को माला विधान हुआ। चतुर्विध संघ की साक्षी से संघपति पद प्रदान किया गया। 1700 यात्रियों का ऐसा विशाल छह री पालित संघ पहली बार नाकोडाजी आया है।