Avanti अवन्ति तीर्थ की जाजम पर बोलियों ने कीर्तिमान बनाया

अतिप्राचीन श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ की अंजनशलाका प्रतिष्ठा पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि विशाल साधु साध्वियों की पावन निश्रा में 18 फरवरी 2019 को संपन्न होने जा रही है।
इस प्रतिष्ठा की जाजम का शुभ मुहूर्त्त पूज्य आचार्यश्री की निश्रा में ता. 2 दिसम्बर 2019 को किया गया। जाजम बिछाने का सौभाग्य श्री गेंदमलजी पुखराजजी शेषमलजी चौपडा परिवार ने प्राप्त किया। उनके घर पर 1 दिसम्बर की रात जाजम-भक्ति का भव्य आयोजन किया गया।
ता. 2 को शुभ मुहूर्त्त में भव्य वरघोडे के साथ जाजम लाई गई। परमात्मा अवन्ति प्रभु के दरबार में मंत्रोच्चारण के साथ जाजम बिछाई गई।
इस अवसर पर पूज्यश्री ने अवन्ति का इतिहास बताते हुए इस प्रतिष्ठा में पूर्ण रूप से सहभागी बनने की प्रेरणा प्रदान की। सुप्रसिद्ध संगीतकार नरेन्द्र वाणीगोता ने अपनी अनोखी शैली में बोलियाँ बोली। बोलियों का कीर्तिमान बना। कल्पना व आशा से कई गुणा बोलियों का वातावरण बना। फलेचुन्दडी का लाभ श्री नरेन्द्रजी चंद्रशेखरजी अनिलजी डागा परिवार ने लिया। माता-पिता बनने का अनूठा लाभ सिवाना अहमदाबाद निवासी संघवी श्री अशोककुमारजी मानमलजी भंसाली परिवार ने लिया। जय जिनेन्द्र का लाभ अवन्ति तीर्थ के अध्यक्ष श्री हीराचंदजी छाजेड परिवार ने लिया।
बोलियों में उज्जैन निवासियों ने अपनी पूर्ण भागीदारी निभाई। विशेष रूप से तीर्थ की व्यवस्था देख रहे मूर्तिपूजक मारवाडी समाज ने बढ-चढ कर लाभ लिया।
इस अवसर पर अवन्ति तीर्थ के प्रवेश द्वार के लाभार्थी के नाम की घोषणा की गई। इस प्रवेश द्वार का लाभ पू. बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. की पावन प्रेरणा से श्री टीकमचंदजी जीतमलजी सकलेचा की स्मृति में श्रीमती शांताबाई पुत्र निर्मलकुमारजी श्रीपालकुमारजी अर्पित वंदित सकलेचा परिवार ने लिया। श्रीसंघ द्वारा सकलेचा परिवार की अनुमोदना की गई।
इस वातावरण के निर्माण में प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के संयोजक संघवी कुशलराजजी गुलेच्छा की बहुत मेहनत रही।
इस प्रतिष्ठा के साथ साथ ता. 18 को ही दो भागवती दीक्षाऐं संपन्न होगी। जोधपुर निवासी मुमुक्षु शुभम् कुमार लूंकड एवं नारायणपुर छत्तीसगढ निवासी कुमारी अंशु देशलहरा संयम ग्रहण करेंगे। मुमुक्षु शुभम् पूज्य आचार्यश्री के एवं मुमुक्षु अंशु पूजनीया बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म.सा. के चरणों में अपना जीवन समर्पण करेंगे।

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