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Bhandasar Jain Temple

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Bhandasar Jain Temple or Banda Shah Jain temple, is situated at Bikaner, Rajasthan. This temple is famous for wall painting and art work. This temple is protected by Archaeological Survey of India.

This temple was constructed by Bhandasa Oswal in 15th century. The temple is dedicated to the 5th tirthankar Sumatinatha. According to legends 40,000 Kgs of ghee was used in the construction of this temple instead of water in mortar. 
Bhandasar Jain Temple is a three-storey temple, famous for its beautiful leaf paintings, frescoes and ornamented mirror work. This temple was constructed using red sandstone with beautiful paintings and yellow-stone carvings on walls, pillars of the sanctum and mandapa. On the walls there are illustrations depicting the lives of the 24 tirthankaras. The temple consist of garbhagriha, antarala, mahamandapa, and ardhamandapa. The sanctum is pancharatha (five rathas) is covered by shikhara having karna-amalakas and amalakas at top.

धूलिया श्री संघ में एकता हुई

पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म-सा- के शिष्य पूज्य गुरुदेव अवंति तीर्थाेद्धारक खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म-सा- की पावन प्रेरणा से धुलिया श्री संघ के राजस्थानी समाज में चल रहा 5 वर्षों का मनमुटाव समाप्त हो गया।

इस मनमुटाव के चलते श्री संघ के कई कार्य अटके हुए थे। पूज्य आचार्यश्री ने चातुर्मास प्रवेश के साथ ही संघ एकता हेतु प्रयास किये थे।
राजस्थानी समाज के दोनों पक्षों के साथ पूज्य आचार्यश्री ने विशद वार्तालाप किया। परिणाम स्वरूप ता- 4 नवम्बर 2019 को एकता की घोषणा की गई।
पूज्य आचार्यश्री ने अपने हस्ताक्षरों से लिखकर समझौता पत्र श्री शीतलनाथ भगवान संस्थान को अर्पित किया। दोनों पक्षों ने परस्पर मिच्छामि दुक्कडं दिया--- परस्पर गले मिले।
पूज्य आचार्यश्री ने ता- 5 नवम्बर को प्रवचन में ज्योंहि एकता की घोषणा की, सकल श्री संघ में परम आनंद की लहर छा गई। पूज्यश्री ने कहा- श्री संघ में मतभेद हो सकते हैं। लेकिन मनभेद कभी भी नहीं होना चाहिये। संघ की एकता ही संघ की सबसे बडी ताकत है। संघ की एकता सदा बनी रहे, यही दादा गुरुदेव से प्रार्थना …

Kailash ji Sanklecha CHENNAI ki vidayi

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युवा रत्न श्री कैलाशजी संकलेचा की विदाई चैन्नई 7 अक्टुंबर। जिनशासन का सच्चा सेवक, युवा सितारा, सेवाभावी सुश्रावकवर्य श्री कैलाश संकलेचा सुपुत्र श्री भंवरलालजी संकलेचा (पादरू वाले) का नवकार मंत्र श्रवण करते हुए निधन हो गया। आपके निधन के समाचार मिलते ही जैन समाज में शोक की लहर दौड़ पड़ी। आपका अंतिम संस्कार चैन्नई में किया गया।  धर्म और संघ की सेवा के पथ पर सदैव अग्रसर श्री संकलेचा की सेवा अनेक संस्थाओं में निरंतर बनी रही। श्री शीतलनाथ भगवान एवं जिनकुशलसूरि दादावाडी ट्रस्ट पादरु के अध्यक्ष, श्री जिनकांतिसागरसूरि स्मारक ट्रस्ट जहाज मंदिर मांडवला के मंत्री, जीरावला जिनकुशलसूरि दादावाड़ी ट्रस्ट के निर्माण संयोजक, श्री जिनदत्त-कुशलसूरि खरतरगच्छ पेढी व प्रतिनिधि महासभा के ट्रस्टी सहित अनेक संस्थाओं से गहरे जुड़े हुए थे।  दादा गुरुदेव श्री जिनकुशलसूरिजी के भक्त ऐसे श्री कैलासजी पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरिजी म-सा- के प्रति अटूट आस्थावान थे। आपने अनेकों स्थानों पर निर्माण कार्यों में आगेवानी लेकर देव-गुरु तत्त्व की भक्ति के साथ जिनशासन की महती प्रभावना की है।  पिताश्री भंवरलालजी …

प्रतिक्रमण सीखने वालों को पुरस्कार

अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् की घोषणा के अनुसार केयुप अथवा केएमपी द्वारा संचालित ज्ञान वाटिका में जिन्होंने पांच प्रतिक्रमण सूत्रें को स्पष्ट रूप से याद किया है, उन बच्चों को 21 हजार रूपये की राशि का तथा दो प्रतिक्रमण सूत्रें को याद करने वाले बच्चों को 11 हजार रूपये की राशि का प्रोत्साहन पुरस्कार अर्पण किया जायेगा। इस घोषणा के अनुसार केयुप - केएमपी के चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन में पूज्य गुरुदेव अवंति तीर्थोद्धारक खरतरगच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि साधु साध्वी मंडल की पावन निश्रा में 5 छात्र-छात्रओं को पंच प्रतिक्रमण सूत्र स्मरण करने पर 21 हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया गया। तथा 48 छात्र-छात्रओं को 11 हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया गया। उन सभी छात्र छात्रओं की स्वाध्याय प्रकोष्ठ संयोजक व केयुप के राष्ट्रीय महामंत्री रमेश लूंकड व उनकी टीम द्वारा परीक्षा ली गई। इस पुरस्कार के प्रायोजक मोकलसर-बैंगलोर निवासी संघवी पुखराजजी तेजराजजी गोलेच्छा हैं। पिछले दो वर्षों से उनकी ओर से पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही मोकलसर-हैदराबाद निवासी श्री रमेशकुमारजी प…

अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् का चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

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धुलिया 21-22 सितंबर। अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् एवं अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद् का दो दिवसीय चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवन्त श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी महाराज आदि ठाणा एवं साध्वीवर्या विमलप्रभाश्रीजी म. एवं साध्वीवर्या आज्ञांजनाश्रीजी म. आदि ठाना की निश्रा में महाराष्ट्र के धुलिया नगरी में आयोजित किया गया।  खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवन्त ने अधिवेशन में युवाओं को वफादारी, समझदारी, जिम्मेदारी एवं इमानदारी के मूल मन्त्र प्रदान करते हुए जीवन में समर्पण को अपनाने का संदेश दिया एवं मुनि मनितप्रभसागरजी ने अनुशासन को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।  साध्वीवर्या विमलप्रभाश्रीजी ने साधु-साध्वी भगवन्तों के विहार वैयावच्च में युवा परिषद् के सहयोग की मुक्त कण्ठ से सराहना की। अधिवेशन में पधारे हुए समस्त सदस्यों का हार्दिक स्वागत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कुमार लूणिया ने परिषद् के भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई, राष्ट्रीय चेयरमेन पदमचन्द बरडिया द्वारा अधिवेशन की औपचारिक शुरूआत की गई। मुख्य अतिथियों एवं केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्यों के द्वारा दीप प्रज्ज्…

आर्य मेहुलप्रभसागरजी के जन्म दिवस पर हुए कई कार्यक्रम

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बड़ा उपासरा में शांति स्नात्र पूजा का हुआ आयोजन जैन भवन में हुआ सामूहिक गुरु इकतीसा पाठ का आयोजन भादरिया गोशाला में हुआ जीवदया के कार्यक्रम का आयोजन जैसलमेर, 22 सितम्बर। जैन ट्रस्ट जैसलमेर एवं सकल जैन समाज के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य देवेश श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म. सा. के शिष्य पूज्य मुनिराज श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा 2 का चातुर्मास स्वर्णनगरी में आराधना पूर्वक चल रहा है। चातुर्मास के मध्य आर्य मेहुलप्रभसागरजी म. सा. के जन्मदिवस के उपलक्ष में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।  अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद शाखा जैसलमेर एवं खरतरगच्छ पार्श्व महिला परिषद जैसलमेर के तत्वाधान में प्रातः 9 बजे भगवान गोड़ी पार्श्वनाथजी का बड़ा उपासरा में भव्य भजनों के माध्यम से सामूहिक स्नात्र पूजा का भव्य आयोजन किया गया तत्पश्चात नवकार जाप एवं केशर पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन एवं प्रभावना का लाभ श्री भगवानदासजी जिंदानी परिवार ने लिया। साथ ही सिटीपार्क के पास बाड़मेर रोड पर स्थित भादरिया गोशाला में जीवदया का कार्यक्रम आयोजित किया गया। रात्रि 9 बजे स्थानीय जैन भवन में सा…

धुलिया में सूरिमंत्र साधना प्रारंभ

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धुलिया 26 सितंबर। पूज्य गुरुदेव अवंति तीर्थोद्धारक खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के सूरिमंत्र की साधना का प्रारंभ ता. 26 सितम्बर 2019 से हुआ है। चौथी व पांचवीं दोनों पीठिकाओं की साधना एक साथ संपन्न होगी। चौथी पीठिका में गणिपिटक यक्षराज एवं पांचवीं पीठिका में गणधर श्री गौतमस्वामी की आराधना की जायेगी।
इससे पूर्व सन् 2016 के दुर्ग चातुर्मास में प्रथम सरस्वती पीठिका की, सन् 2017 बीकानेर चातुर्मास में त्रिभुवन स्वामिनी देवी की एवं सन् 2018 इन्दौर चातुर्मास में महालक्ष्मी देवी की साधना पूर्ण की थी। इन दोनों पीठिकाओं की साधना के साथ पूज्यश्री की पांचों पीठिकाओं/पंच प्रस्थान की साधना संपन्न हो जायेगी। ता. 26 सितम्बर 2019 को श्री गौतमस्वामी एवं श्री गणिपिटक यक्षराज की प्रतिमाऐं पूज्यश्री को अर्पण की गई। श्री गौतमस्वामी की प्रतिमा अर्पण करने का लाभ धुलिया श्री संघ के अध्यक्ष श्री प्रेमचंदजी स्वप्निलजी नाहर परिवार ने लिया। मुनि मंडल, साध्वी मंडल एवं सकल श्री संघ ने पूज्यश्री को साधना के लिये शुभकामनाऐं अर्पण की। जब तक पूज्यश्री की साधना चलेगी, तब तक धुलिया श्री संघ में…

Paryushan massage

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पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के पहले दिन गच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरिजी महाराज ने पर्युषण पर्व की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि आत्मा में ज्ञान का दीप जलाना ही पर्वाधिराज पर्युषण पर्व का संदेश है। इस पर्व का स्वागत-अभिनंदन करें, यह अतिथि सबसे अलबेला, निराला और आला है। यह पर्व हमें यह कह रहा है कि जो मैं दूंगा उसकी कीमत आंकी नहीं जा सकती और जो मैं लूंगा उसकी कोई कीमत नहीं, वह तो कचरा ही होगा। 
यह पर्व तो 8 दिनों का एक आत्मिक उत्थान शिविर है। इसमें हम जो सीखेंगे उसे हमें सालभर अंगीकार करना है। प्राकृत भाषा में इसे पज्जोसणा कहा। परि यानि चारों ओर और उपासना यानि आराधना। अर्थात समग्र रूप से आराधना से जुड़ जाना ही पर्युषण है। समग्र रूप से अपने अंतर के कसायों का उपसमन कर सर्वथा शांत हो जाने के नाम ही पर्युषण पर्व हैं। इस पर्व का स्वागत हमें अपने हृदय से, नेत्रों से शरीर के रोम-रोम से करना है। सहजता, करुणा से भरा जिसका हृदय होगा, वही इस अतिथि का स्वागत करने का अधिकारी हो सकता है। आचार्य भगवंत ने कहा कि हम सब वीतराग परमात्मा के अनुयायी हैं, हमारे हर कार्य में ‘जयना’ का होना ही हमारी पहचान औ…

SADHU SADHVI साधु साध्वी समाचार

0 पूज्य उपाध्याय श्री मनोज्ञसागरजी म. ठाणा 2 की पावन निश्रा में पू. साध्वी श्री सम्यग्दर्शनाश्रीजी म.सा. की प्रेरणा से कुशल दर्शन सोसायटी पर्वत पाटिया में निर्मित श्री विमलनाथ जिन मंदिर दादावाडी का प्रतिष्ठा महोत्सव दि. 6 फरवरी 2019 को प्रारंभ होगा। दि. 10 फरवरी 2019 को अंजनशलाका प्रतिष्ठा संपन्न होगी। 0 पूज्य गणिवर श्री मणिरत्नसागरजी म. की निश्रा में वैर नगर जिला- भरतपुर में दि. 9 फरवरी 2019 को प्रतिष्ठा संपन्न होगी। 0 पूज्य मुनि श्री महेन्द्रसागरजी म. आदि ठाणा कैवल्यधाम तीर्थ बिराज रहे है। उनके सानिध्य में दि. 10 फरवरी 2019 को मुमुक्षु पीयूष गोलछा और मुमुक्षु नवनीत बोथरा की भागवती दीक्षा महोत्सव संपन्न होगा। 0 पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. एवं पूज्य मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म. बालोतरा बिराज रहे है। वहाँ गांधीपुरा में उनकी प्रभावक प्रवचन शृंखला चल रही है। बालोतरा से आप कल्याणपुर की ओर विहार करेंगे। जहाँ उनकी निश्रा में जिनमंदिर की वार्षिक ध्वजा के निमित्त त्रिदिवसीय भव्य महोत्सव संपन्न होगा। पूज्य मुनिप्रवर श्री समयप्रभसागरजी म. एवं मुनि श्री श्रेयांसप्रभसागरजी म. अध्ययन के लक्ष्य …

Depalpur M.P. देपालपुर में दादावाडी की प्रतिष्ठा संपन्न

इन्दौर से 40 कि.मी. दूर स्थित देपालपुर में चौधरी परिवार द्वारा निर्मित श्री जिनकुशलसूरि दादावाडी की प्रतिष्ठा ता. 25 जनवरी 2019 को अत्यन्त आनंद व उल्लास के साथ पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य प्रवर श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मयंकप्रभसागरजी म. एवं पू. महत्तरा पद विभूषिता श्री चंपाश्रीजी म.सा. की शिष्या एवं पूजनीया गणिनी प्रवरा श्री सूर्यप्रभाश्रीजी म. की चरणाश्रिता पूजनीया साध्वी श्री हर्षपूर्णाश्रीजी म. पू. साध्वी श्री अभिनंदिता श्रीजी म. पू. साध्वी श्री विनम्रप्रभाश्रीजी म. की पावन निश्रा में संपन्न हुई। इस दादावाडी का निर्माण श्री केसरीमलजी चौधरी परिवार द्वारा सन् 1978 में करवाया गया था। इस दादावाडी का जीर्णाेद्धार श्रीमती रतनबाई चौधरी, श्री विमलचंदजी श्री चंदनबालादेवी चौधरी की स्मृति में श्री सुधीरकुमारजी चन्द्रशेखरजी राजेशजी कमलेशजी विरलजी अश्विनजी चैतन्यजी चौधरी परिवार की ओर से स्वद्रव्य से करवाया गया। महोत्सव का प्रारंभ ता. 21 जनवरी 2019 से हुआ। पूज्य आचार्यश्री का मंगल प्रवेश…

इन्दौर से श्री अवन्ति तीर्थ का छह री पालित संघ का आयोजन

इन्दौर 30 जनवरी। पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाध्ािपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में इन्दौर नगर से श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ के लिये छह री पालित संघ का आयोजन संपन्न हुआ। संघ आयोजन इन्दौर निवासी श्रीमती मदनबाई की स्मृति में श्री मदनलालजी पुत्र नवीनकुमारजी जयन्तीलालजी अनिलकुमारजी सुनीलकुमारजी बैद परिवार की ओर से किया गया। ता. 29 जनवरी 2019 को संघ का प्रस्थान संघपति परिवार के घर से हुआ। प्रस्थान से पूर्व स्नात्र पूजा, नवग्रह, दशदिक्पाल आदि विविध्ा पूजाऐं पढाई गई। संघपति श्री प्रकाशजी मालू परिवार ने संघवी बैद परिवार को तिलक कर नारियल अर्पण किया। बाजते गाजते संघ रामबाग दादावाडी पहुॅंचा। दादावाडी से ता. 30 को प्रातः प्रस्थित हुआ। ता. 1 फरवरी को संघपति बैद परिवार की ओर से सभी यात्रियों, कार्यकर्त्ताओं का बहुमान किया गया। ता. 2 फरवरी को संघ अवन्ति तीर्थ पहुॅंचा। भव्य प्रवेश संपन्न हुआ। अवन्ति पार्श्वनाथ परमात्मा के दरबार में संघपति मालारोपण विध्ाान किया गया। श्री मदनलालजी बैद को माला पहिनाने का लाभ श्री अशोककुमारजी मिश्रीलालजी भंसाली जलगांव जामोद वालों ने लिया। सभ…

Indore इन्दौर दादावाडी की प्रतिष्ठा संपन्न

इन्दौर 18 जनवरी। इन्दौर नगर की 250 से अधिक वर्ष प्राचीन सुप्रसिद्ध रामबाग दादावाडी की प्रतिष्ठा दादावाडी संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य प्रवर श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मुक्तिप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मनीषप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मयंकप्रभसागरजी म. एवं पूजनीया महत्तरा श्री विनीताश्रीजी म. ठाणा 3, पूजनीया बहिन म. डॉ. विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा 3, पूजनीया साध्वी श्री सुप्रज्ञाश्रीजी म. आदि ठाणा 5, पूजनीया साध्वी श्री हर्षपूर्णाश्रीजी म. आदि ठाणा 7, पूजनीया साध्वी श्री संघमित्राश्रीजी म. आदि ठाणा 3 की पावन निश्रा में संपन्न हुई। प्रतिष्ठा महोत्सव हेतु पूज्य गुरु भगवंतों का ता. 13 जनवरी को मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। समारोह का प्रारंभ ता. 15 जनवरी 2019 से हुआ। ता. 17 जनवरी को प्रतिष्ठा व दीक्षा की भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ। ता. 18 जनवरी को शुभ मुहूर्त्त में खरतरबिरुद धारक आचार्य श्री जिनेश्वरसूरि एवं नवांगी वृत्तिकार श्री अभयदेवसूरि की पट्टनु…