पूज्य गच्छाधिपतिश्री का मालवा प्रवास



पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पूज्य मुनि श्री मयंकप्रभसागरजी म. एवं पूजनीया महत्तरा पद विभूषिता श्री दिव्यप्रभाश्रीजी म., पू. विरागज्योतिश्रीजी म., पू. विश्वज्योतिश्रीजी म., पू. जिनज्योतिश्रीजी म. आदि ठाणा उज्जैन से ता. 12 दिसम्बर को विहार कर ता. 14 दिसम्बर को महिदपुर पधारे। वहॉं पूज्यश्री के दो दिन प्रभावशाली प्रवचन हुए। पूज्यश्री के प्रवेश के उपलक्ष्य में श्री संघ द्वारा प्रातः नाश्ता, भव्य शोभायात्रा व प्रवचन के पश्चात् स्वामिवात्सल्य का आयोजन किया गया। महिदपुर श्रीसंघ ने पूज्यश्री से चातुर्मास की विनंती की।
ता. 15 दिसम्बर की शाम को विहार कर पूज्यश्री नागेश्वर, सीतामउ होते हुए ता. 22 दिसम्बर को बूढा कवीन्द्रनगर पधारे। वहॉं पधारने पर श्रीसंघ द्वारा शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पूज्यश्री के दो दिन प्रवचन हुए।
पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनकवीन्द्रसागरसूरीश्वरजी म.सा. का स्वर्गवास इसी बूढा गॉंव में वि. सं. 2018 फाल्गुन सुदि 5 को हुआ था। यहॉं विशाल भूखण्ड पर कवीन्द्र स्मारक बनाया गया है जिसमें पूज्य आचार्यश्री की प्रतिमा बिराजित है।
पूज्यश्री की प्रेरणा से श्री संघ की बैठक में कवीन्द्र स्मारक में जिन मंदिर एवं दादावाडी बनाने का निर्णय किया। साथ ही कमरे, हॉल आदि बनाने का निर्णय किया गया।
वहॉं से विहार कर पूज्यश्री ता. 24 दिसम्बर को मंदसौर पधारे, जहॉं खरतरगच्छ श्रीसंघ द्वारा भव्य स्वागत किया गया। पूज्यश्री के दो दिनों में तीन प्रवचन हुए। दो नयापुरा में व एक खानपुरा में! बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने लाभ लिया।
वहॉं से विहार कर पूज्यश्री 28 दिसम्बर को रिंगणोद पधारे, जहॉं प्रवेश पर पूज्यश्री का अभिनंदन किया गया। पूज्यश्री के प्रथम बार प्रवेश के उपलक्ष्य में श्रीसंघ का नाश्ता मालवा खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष ठाकुर श्री बसंतसिंहजी श्रीमाल परिवार द्वारा एवं प्रवचन के पश्चात् श्री संघ के स्वामिवात्सल्य का लाभ सेठ श्री कांतिलालजी मेहता की स्मृति में मानमल राजेश कुमार मनोज गौरव गगन तनीश मेहता परिवार ने लिया।
ता. 29 दिसम्बर को अष्टापद होते हुए ता. 30 दिसम्बर को जावरा पधारे। जावरा खरतरगच्छ श्रीसंघ की ओर से प्रातः नाश्ता व स्वामिवात्सल्य का आयोजन किया गया। श्रीसंघ ने पूज्यश्री से चातुर्मास करने की विनंती की।
ता. 31 दिसम्बर को प्रभु पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया। पूज्यश्री ने विशेष प्रवचन फरमाया। प्रवचन से पूर्व श्री आदिनाथ मंदिर एवं श्री सुपार्श्वनाथ मंदिर पर वर्षगांठ की ध्वजा चढाई गई।
जावरा से विहार कर पूज्यश्री ता. 2 जनवरी 2019 को रतलाम पधारे, जहॉं पूज्यश्री का प्रवेश शोभायात्रा का आयोजन हुआ। दो प्रवचन संपन्न हुए। वहॉं से विहार कर 4 जनवरी को खाचरोद पधारे, जहॉं समस्त मूर्तिपूजक श्री संघ की ओर से प्रवेश करवाया गया। प्रवचन के पश्चात् श्री संघ के स्वामिवात्सल्य का आयोजन हुआ।
वहॉं से विहार कर नागदा, उन्हेल होते हुए पूज्यश्री 8 जनवरी 2019 को उज्जैन पधारेंगे।

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