Oct 28, 2017

BALOTRA बालोतरा में अंजनशलाका महोत्सव 21 फरवरी 18 को

बालोतरा में श्री केसरियानाथ परमात्मा के जिन मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है। यह मंदिर बालोतरा के समस्त जैन अजैन समाज का श्रद्धा केन्द्र है। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ केसरियानाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से सकल श्री संघ ने बीकानेर आकर पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. से अंजनशलाका प्रतिष्ठा की भावभीनी विनंती की। जिसे स्वीकार कर पूज्य गुरुदेव श्री ने फाल्गुन सुदि 6 ता. 21 फरवरी 2018 का शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया। मुहूर्त्त की उद्घोषणा होने पर सकल श्री संघ में परम आनंद व उल्लास का वातावरण छा गया। पूज्यश्री की निश्रा में जाजम का मुहूर्त्त 31 दिसम्बर 2017 को संपन्न होगा।

JAIPUR जयपुर में अंजनशलाका प्रतिष्ठा 19 अप्रेल को

जयपुर नगर में पूजनीया प्रवर्तिनीवर्या श्री सज्जनश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभाश्रीजी म. की प्रेरणा से कटला स्थित श्री मुनिसुव्रतस्वामी जिन मंदिर का जीर्णोद्धार श्री सुमति कुशल सज्जन सेवा ट्रस्ट द्वारा करवाया जा रहा है। इस मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा कराने हेतु ट्रस्टी श्री फतेचंदजी बरडिया, जयपुर खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष श्री प्रकाशचंदजी लोढा आदि प्रतिनिधि गण पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की सेवा में बीकानेर पधारे। उन्होंने पूज्यश्री से प्रतिष्ठा करवाने व मुहूर्त्त प्रदान करने का निवेदन किया। जिसे स्वीकार कर पूज्यश्री ने वैशाख सुदि 4 ता. 19 अप्रेल 2018 का शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया।

BIKANER बीकानेर चातुर्मास परिवर्तन श्रीमती आशादेवी नेमचंदजी खजांची के घर

बीकानेर नगर में पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा 8 एवं पूजनीया साध्वी डॉ. श्री प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. आदि ठाणा 6 का ऐतिहासिक चातुर्मास संपन्नता की ओर है। चार महिनों में पूज्यश्री के निरन्तर अमृत प्रवचन रहे। प्रवचनों में इतनी भीड पहली बार देखी गई। एक दिन भी प्रवचन बन्द नहीं रहा। रविवार के प्रवचनों का विशेष आयोजन रहा।
चातुर्मास परिवर्तन हेतु परम भक्त सुश्रावक श्री नेमचंदजी खजांची की धर्मपत्नी श्रीमती आशा देवी खजांची ने अपने निवास स्थान पर पदार्पण की विनंती की। जिसे पूज्य गुरुदेव श्री ने स्वीकार किया। पूज्यश्री ने फरमाया- बीकानेर में हमें दो विशिष्ट व्यक्तित्व सदा सदा याद आते हैं। एक हमारे प्रिय भाईजी श्री हरखचंदजी नाहटा और दूसरे श्री नेमचंदजी खजांची। आज से 28 वर्ष पहले बीकानेर में हमारा आना नेमचंदजी के कारण ही हुआ था। उस समय साध्वी श्री हेमप्रभाश्रीजी म.सा. की प्रेरणा से उन्होंने उपधान तप का आयोजन करवाया था। वह उपधान गुरुदेवश्री के बाद पहला उपधान था।

Sep 25, 2017

Palitana 99 YATRA पालीताना में नवाणुं यात्रा

पूजनीया पार्श्वमणि तीर्थ प्रेरिका गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया तपोरत्ना श्री सुलक्षणाश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया साध्वी डॉ. प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म. की पावन प्रेरणा से श्री सिद्धाचल महातीर्थ की श्री आदिनाथ कान्ति मणि सामूहिक नवाणुं यात्राका भव्य आयोजन किया जा रहा है।
नवाणुं यात्रा का प्रारंभ मिगसर सुदि 15 रविवार ता. 2 दिसम्बर 2017 से होगा। माला विधान माघ वदि 11 शुक्रवार ता. 12 जनवरी 2018 को होगा।
यह नवाणुं पूज्य गुरुदेव आचार्य भगवंत खरतरगच्छाधिपति श्री जिन मणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती पूज्य मुनिराज श्री मुक्तिप्रभसागरजी म.सा. पूज्य मुनिराज श्री मनीषप्रभसागरजी म. आदि मुनि मंडल एवं पूजनीया महत्तरा पद विभूषिता श्री दिव्यप्रभाश्रीजी म.सा., पू. प्रियदर्शनाश्रीजी म., पू. प्रियश्रद्धांजनाश्रीजी म., पू. प्रियस्नेहांजनाश्रीजी म., पू. प्रियसौम्यांजनाश्रीजी म. आदि साध्वी मंडल के पावन सानिध्य में संपन्न होगी।

पू. साध्वी प्रियसौम्यांजनाश्रीजी म.सा. के संयम रजत वर्ष के अनुमोदनार्थ तिरपातूर निवासी शा. पन्नालालजी गौतमचंदजी पारसमलजी पुखराजजी कवाड परिवार इस यात्रा के प्रमुख लाभार्थी है। मुख्य लाभार्थी बने हैं- श्री मोतीलालजी गौतमचंदजी संपतराजजी कमलेशकुमारजी झाबक रायपुर एवं बीकानेर निवासी श्री बसंतकुमारजी विजयकुमारजी नवलखा परिवार। इस यात्रा का आयोजन अखिल भारतीय सदा कुशल सेवा समिति की ओर से किया जा रहा है।

Bikaner बीकानेर में अंजनशलाका प्रतिष्ठा 26 नवम्बर को

पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य रत्न पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में बीकानेर गंगाशहर के तुलसी विहार कॉलोनी में बन रहे नूतन जिन मंदिर का अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव मिगसर सुदि 7 रविवार ता. 26 नवम्बर 2017 को संपन्न होगा।
ता. 22 सितम्बर को तुलसी विहार संघ की ओर से पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री से मुहूर्त्त प्रदान करने की भावभरी विनंती की। जिसे स्वीकार कर पूज्यश्री ने यह शुभ मुहूर्त्त प्रदान किया। मुहूर्त्त उद्घोषणा का लाभ तुलसी विहार जैन श्वेताम्बर पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बसंतजी नवलखा परिवार ने लिया था। उद्घोषणा कॉलोनी निर्माता श्री सुमेरमलजी दफ्तरी ने की। जिसे श्रवण कर सकल श्री संघ में परम आनंद व उल्लास का वातावरण छा गया।

यह ज्ञातव्य है कि इस मंदिर का खातमुहूर्त्त व शिलान्यास इसी चातुर्मास में पूज्यश्री की पावन निश्रा में ता. 14 अगस्त 2017 को संपन्न हुआ था।

Aug 8, 2017

बीकानेर में खरतरगच्छ दिवस मनाया गया


पालीताना में संपन्न हुए खरतरगच्छ श्रमण श्रमणी सम्मेलन के निर्णय अनुसार श्रावण शुक्ल षष्ठी शनिवार को बीकानेर नगर में पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में खरतरगच्छ दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर पूज्य आचार्यश्री ने खरतरगच्छ की विशिष्टताओं का वर्णन किया।
सभा का संचालन करते हुए पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. ने जिन शासन के विकास में गच्छ के विविध क्षेत्रों में किये गये कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा- समस्त गच्छों में प्राचीन गच्छ खरतरगच्छ के आचार्य भगवंतों ने शासन विकास व विस्तार में अभूतपूर्व योगदान अर्पण किया है।
इस अवसर पर पूज्य पं. श्री पुण्डरीकरत्नविजयजी म. ने जिनशासन की महिमा का वर्णन करते हुए गच्छ के योगदान की सराहना की। पूज्य मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म. ने खरतरगच्छ के अनुयायी विशिष्ट श्रावकों का वर्णन सुनाते हुए प्रेरणा दी कि हमें अपने वर्तमान को उनकी भांति संवारना है। पू. साध्वी श्री प्रियस्वर्णांजनाश्रीजी म. ने पूर्वाचार्य भगवंतों के जीवन के उदाहरण सुनाते हुए गच्छ विकास में योगदान अर्पण करने की प्रेरणा दी। बाद में पॉवर प्रेजेण्टेशन के माध्यम से पूज्य मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म. ने गच्छ के इतिहास का सांगोपांग वर्णन किया। दो घंटे तक लगातार चले इस कार्यक्रम से सारी जनता प्रभावित हुई।

बीकानेर में स्वाध्याय शिविर संपन्न

बीकानेर में स्वाध्याय शिविर संपन्न
बीकानेर नगर में अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद् की केन्द्रीय समिति के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में चार दिवसीय स्वाध्याय शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 25 शिविरार्थियों ने भाग लिया।
पूज्यश्री ने शिविर का उद्देश्य समझाते हुए कहा- हमें अपने गच्छ के स्वाध्यायी तैयार करने हैं। ताकि वे उन स्थानों पर जाकर जहॉं साधु साध्वीजी भगवंतो का चातुर्मास नहीं है। वहॉं पर्युषण महापर्व की आराधना विधि विधान शास्त्र-शुद्धता के साथ करवा सके।
अलग अलग सेशन में पूज्यश्री ने कल्पसूत्र वांचन, अष्टाह्निका प्रवचन वांचन, विधि-विधान आदि के संबंध विस्तार से समझाया। स्वाध्यायी प्रकोष्ठ के संयोजक रमेश लूंकड ने इस शिविर का संचालन किया।

शिविर समापन अवसर पर केयुप चेयरमेन संघवी अशोकजी भंसाली, अध्यक्ष रतनजी बोथरा, महामंत्री प्रदीप श्रीश्रीश्रीमाल ने शिविरार्थियों का बहुमान कर उन्हें किट भेंट किया। केयुप बीकानेर के अध्यक्ष राजीव खजांची ने सभी को धन्यवाद दिया।

उज्जैन अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा हेतु समिति की स्थापना

उज्जैन अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा हेतु समिति की स्थापना
अतिप्राचीन श्री अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ का शास्त्र शुद्ध जीर्णोद्धार पिछले 8 वर्षों से चल रहा है। यह जीर्णोद्धार पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरूष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन प्रेरणा व उनकी निश्रा में चल रहा है।
जीर्णोद्धार का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। प्रतिष्ठा के लक्ष्य से ही पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म. पूजनीया बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि ठाणा का चातुर्मास इस वर्ष उज्जैन नगर में हो रहा है।
पूजनीया बहिन म. डॉ श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. की पावन निश्रा में श्री अवंती पार्श्वनाथ जैन श्वे. तीर्थ मूर्तिपूजक मारवाडी समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में उज्जैन के समस्त ट्रस्टों के पदाधिकारियों की विशाल बैठक हुई। जिसमें बडी संख्या में ट्रस्टी गण पधारे।
इस अवसर पर पूजनीया बहिन म. ने फरमाया- अवंती तीर्थ सकल श्री संघ का है। यह प्रतिष्ठा सकल श्री संघ की है। प्रतिष्ठा से सभी को जुडना है।
इस अवसर पर सकल श्रीसंघ की सहमति से पूजनीया बहिन म. ने मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री श्री पारसजी जैन को अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के चेयरमेन एवं संघवी कुशल गुलेच्छा को संयोजक के रूप में घोषणा की।
इस घोषणा से सकल श्री संघ में हर्ष-हर्ष छा गया। निर्णय किया गया कि पर्युषण महापर्व के पश्चात् सकल श्रीसंघ के साथ बीकानेर पूज्य गच्छाधिपति आचार्यश्री की सेवा में जाकर मुहूर्त्त प्राप्त करेंगे।


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